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मंगलवार, 23 अक्तूबर, 2007 को 07:13 GMT तक के समाचार
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सार्क देशों के मंत्रियों की बैठक दिल्ली में
सार्क का गठन 22 साल पहले हुआ था और अब इसमें अफ़ग़ानिस्तान भी शामिल हो गया है
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के देशों के गृह मंत्रियों का सम्मेलन मंगलवार से दिल्ली में हो रहा है. इस सम्मेलन में चरमपंथ और मानव तस्करी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होनी है.

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने तीन दिवसीय सार्क बैठक के बारे में कहा, "सम्मेलन में सार्क देशों की पुलिस के बीच सहयोग में बढ़ोत्तरी, वीज़ा में छूट की योजना, आपराधिक मामलों में एक-दूसरे की क़ानूनी मदद करने पर चर्चा होगी. साथ ही आतंकवाद, नशीले पदार्थ और मानव तस्करी को रोकने के मौजूदा ढाँचे को और मज़बूत करने पर विचार होगा."

सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढाने, चरमपंथी कार्रवाइयों के लिए मिलने वाले धन पर लगाम लगाने और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के उपायों पर भी बातचीत होगी.

सम्मेलन में मेज़बान भारत के अलावा पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के गृह मंत्री हिस्सा ले रहे हैं.

पहल

भारत पहले ही चरमपंथ और संगठित अपराध से निपटने के लिए सार्क देशों के बीच साझा तंत्र की हिमायत कर चुका है.

 सम्मेलन में सार्क देशों की पुलिस के बीच सहयोग में बढ़ोत्तरी, वीज़ा में छूट की योजना, आपराधिक मामलों में एक-दूसरे की क़ानूनी मदद करने पर चर्चा होगी
प्रवक्ता, गृह मंत्रालय, भारत

पिछले दिनों पंजाब की औद्योगिक नगरी लुधियाना के एक सिनेमा हॉल में और अजमेर दरगाह में हुए विस्फोटों की घटनाओं के मद्देनज़र इस सम्मेलन की अहमियत बढ़ गई है.

सम्मेलन के पहले दिन सार्क देशों के पुलिस प्रमुख इन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. दूसरे दिन सदस्य देशों के गृह सचिव और फिर गृह मंत्री इन मसलों पर आगे विचार-विमर्श करेंगे.

पिछले दिनो सार्क देशों के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों की हैदराबाद में हुई बैठक में भारत के गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने संवेदनशील मसलों पर दक्षिण एशियाई देशों के बीच सहयोग बढाने पर ज़ोर दिया था.

बैठक में तय किया गया था कि सार्क देश अपने यहां सरकार व समाज के स्तर पर जरूरी बदलाव व जागरूकता के ज़रिए इस समस्या से मिलकर निपटेंगे.

सभी का मानना था कि समस्या जितनी बड़ी है, उतनी ही गंभीर भी है, इसलिए हर स्तर पर क़दम उठाने की ज़रूरत है.

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