BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 04 अप्रैल, 2007 को 15:03 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
आतंकवाद, फ़ूड बैंक, ईरान पर सहमति
सार्क
सार्क सम्मेलन में संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया
सार्क देशों के नेताओं के बीच आतंकवाद के ख़तरों से आगाह रहने, दक्षिण एशियाई फ़ूड बैंक स्थापित करने और ईरान को पर्यवेक्षक का दर्जा देने पर सहमति बनी है.

दिल्ली में 14वें सार्क शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन बुधवार को जारी किए गए घोषणा पत्र में आंतकवाद का सामना करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने, दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय बनाने की बात भी कही गई है.

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के घोषणा पत्र में ज़ोर देकर कहा गया है कि आतंकवाद क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा है और आम नागरिकों के ख़िलाफ़ हर तरह की हिंसा की निंदा होनी चाहिए.

महत्वपूर्ण है कि इसी संदर्भ में सार्क समापन समारोह के दौरान अपने भाषण में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "सार्क देशों को क्षेत्र में असहिष्णुता और कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ जंग जीतनी होगी."

ग़ौरतलब है कि सार्क देशों के नेताओं ने ईरान को सार्क संगठन के साथ जोड़ते हुए उसे पर्यवेक्षक का दर्जा देने की मंज़ूरी भी दी है.

सार्क के 14वें सम्मेलन के दौरान चीन, अमरीका, जापान, यूरोपीय संघ और दक्षिण कोरिया पर्यवेक्षक रहे.

घोषणा पत्र में ज़ोर देकर कहा गया है कि जल्द ही दक्षिण एशिया सीमा शुल्क संघ और दक्षिण एशिया आर्थिक संघ बनाने की ज़रूरत है.

ये भी तय हुआ कि भारत में दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों में खाद्य आपूर्ति की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए सार्क फ़ूड बैंक स्थापित किया जाएगा.

 सार्क देशों को क्षेत्र में असहिष्णुता और कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ जंग जीतनी होगी
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

सार्क घोषणा पत्र में आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बेहतर बनाने के बारे में प्रतिबद्धता जताई गई है.

इस बारे में भी प्रतिबद्धता जताई गई कि अब सार्क संगठन को घोषणाएँ या अपनी मंशा ज़ाहिर करने के चरण से बढ़कर घोषणाओं पर अमल करने के चरण में जाने का विचार करना चाहिए.

इससे जुड़ी ख़बरें
व्यापार विवाद टालने पर सहमति
02 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
सार्क में आपसी सहयोग पर रहेगा ज़ोर
31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस
भारत ने की एकतरफ़ा रियायतों की घोषणा
03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>