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सार्क शिखर सम्मेलन आज से, सुरक्षा कड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में मंगलवार से दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन(सार्क) के 14वें शिख़र सम्मेलन की शुरुआत हो रही है. सार्क का आठवाँ सदस्य बना अफ़ग़ानिस्तान भी इसमें भाग ले रहा है. इस शिखर सम्मेलन के मद्देनज़र राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के ख़ास बंदोबस्त किए गए हैं. सम्मेलन का उदघाटन भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे. विश्व की आर्थिक शक्तियाँ इस दो दिवसीय सम्मेलन को काफ़ी महत्व दे रही हैं. इस सम्मेलन के दौरान अमरीका, यूरोपीय संघ, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि पर्यवेक्षकों को तौर पर मौजूद रहेंगे. इससे पहले सोमवार को सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की दिल्ली में एक बैठक हुई जिसमें शिख़र सम्मलेन के लिए कार्यसूची तैयार की गई. विदेश मंत्रियों का ध्यान आतंकवाद और परस्पर क़ानूनी सहयोग समझौते में आ रही बाधाओं पर रहा. इस सम्मेलन में ईरान को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किए जाने के विषय पर भी अंतिम फ़ैसला होना है. इस बार प्रतिनिधि देशों का ध्यान ऊर्जा, तकनीकी, व्यापार, आतकंवाद और कई आपसी कूटनीतिक संबंधों पर रहेगा. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला और बांग्लादेश के कार्यवाहक राष्ट्रपति के साथ बैठक हुई. इस बार सार्क सम्मेलन में भाग लेने के लिए अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई भी दिल्ली पहुँचे हैं. पिछले सार्क सम्मेलन में यह सहमति बनी थी कि अफ़ग़ानिस्तान को भी सार्क देशों में शामिल किया जाए. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई और श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के दिल्ली में मौजूद होने के कारण कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. दिल्ली के कुछ हिस्से तो छावनी में तब्दील कर दिए गए हैं. सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ख़ास चौकसी बरती जा रही है. सोमवार रात से ही राजधानी की सीमाओं और आयोजन स्थल के आसपास के इलाकों में आवागमन पर नज़र रखी जा रही है और लोगों की तलाशी भी ली जा रही है. |
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