|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सार्क के बारे में ज़रूरी जानकारियाँ
सार्क दक्षिण एशिया के सात देशों का संगठन है जिसका पूरा नाम है दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन. 'सार्क' संगठन के अंग्रेज़ी नाम - साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन - का छोटा रूप है. आठ दिसंबर 1985 को बने इस संगठन का उद्देश्य दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग से शांति और प्रगति हासिल करना है. सार्क के सात सदस्य देश हैं - भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव. जन्म दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग के लिए संगठन बनाने की बात सबसे पहले उठी मई 1980 में. अप्रैल 1981 में विचार-विमर्श के बाद पहली बार श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सातों देशों के विदेश सचिवों की बैठक हुई. अगस्त 1983 में दिल्ली में पहली बार सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. सातों देशों के राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष पहली बार बांग्लादेश की राजधानी ढाका में जुटे. 7-8 दिसंबर 1985 को हुए शिखर सम्मेलन में एक चार्टर को स्वीकार किया गया और इसी के साथ सार्क का जन्म हुआ. बैठक सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष हर साल अलग-अलग देशों में बैठक करते हैं. 2003 में इस्लामाबाद में हो रहा सम्मेलन सार्क का 12वाँ शिखर सम्मेलन है. इससे पहले सार्क के 11 सम्मेलन हो चुके हैं - ढाका(1985), बंगलौर(1986), काठमांडू(1987), इस्लामाबाद(1988), माले(1990), कोलंबो(1991), ढाका(1993), दिल्ली(1995), माले(1997), कोलंबो(1998) और काठमांडू(2002). सार्क के विदेश मंत्रियों के परिषद की हर साल दो बार बैठक होनी तय हुई है और आवश्यक होने पर अलग से भी परिषद की बैठक हो सकती है. इस्लामाबाद सम्मेलन से पहले तक सार्क के विदेश मंत्रियों की 23 बैठकें हो चुकी हैं. सार्क के विदेश सचिवों की भी एक अलग समिति है जिसका नाम स्थायी समिति रखा गया है. स्थायी समिति की अब तक 28 सामान्य और चार विशेष बैठकें हो चुकी हैं. इनके अलावा संगठन की सात और तकनीकी समितियाँ भी हैं जिनकी बैठकें होती रहती हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||