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प्रत्यर्पण पर भारत-पाकिस्तान में मतभेद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन का (सार्क) शिख़र सम्मेलन शुरू होने के एक दिन पहले ही प्रत्यर्पण के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद पैदा हो गए. सोमवार को सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई जिसमें शिख़र सम्मलेन के लिए कार्यसूची तैयार की गई. विदेश मंत्रियों का ध्यान आतंकवाद और परस्पर क़ानूनी सहयोग समझौते में आ रही बाधाओं पर रहा. सूत्रों ने बताया कि प्रत्यर्पण के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ मतभेद उभर आए हैं. इस मामले पर विदेश सचिव शिवशंकर मेनन का कहना था, "मेरा मानना है कि इस मामले पर हमने पाकिस्तान और दूसरे देशों से लंबे समय तक बातचीत की है और इस पर हम एकमत नहीं हैं. सार्क की एक प्रक्रिया है जिसके तहत बात हो रही है." आतंकवाद मेनन ने माना कि आतंकवाद एक बहुत बड़ा मुद्दा है और जितनी गंभीरता से इस पर विचार हो रहा है, उसे देखते हुए लगता है कि सम्मेलन के अंत में एक बड़ा व्यक्तव्य आएगा. उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि सब इस बात को मानते हैं कि वे आंतकवाद के ख़िलाफ़ हैं. इस बात पर आमराय थी कि आतंकवाद पर मौजूदा प्रतिबद्धता पूरी की जाए बल्कि इस बार कुछ क़दम आगे बढ़ने की कोशिश की जाएगी."
विदेश मंत्रियों ने सार्क विकास कोष के लिए धन इकट्ठा करने और इसके लिए बाहर के देशों से भी सहयोग लेने की बात कही. सोमवार को ही भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला से मुलाक़ात की. दोनों नेताओं के बीच नेपाल के मौजूदा हालात और भारत से सटे तराई इलाक़ों में सुरक्षा इंतज़ामों पर चर्चा हुई. श्रीलंका और भारत श्रीलंकाई विदेश मंत्री रोहिता बोगोल्लामा के साथ मनमोहन सिंह ने पाक की खाड़ी में साझा चौकसी पर बात की लेकिन इस पर कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हो सका. श्रीलंकाई विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि हाल ही में भारतीय मछुआरों की हत्या के पीछे वहाँ की नौसेना का हाथ नहीं है. भारतीय प्रधानमंत्री की बांग्लादेश के कार्यवाहक राष्ट्रपति से भी विस्तृत चर्चा हुई. सार्क शिख़र सम्मेलन में ईरान को पर्यवेक्षक का दर्जा देने और आतंकवाद समेत सभी अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें सार्क सम्मेलन में संपर्क बढ़ाने पर ज़ोर01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस सार्क बैठक में आपसी सहयोग पर रहेगा ज़ोर31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में '15 तमिल विद्रोही मारे गए'29 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बढ़ रही लड़ाई से भारत चिंतित28 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाली शांति प्रक्रिया को भारत का समर्थन17 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस व्यापार विवाद टालने पर सहमति02 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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