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श्रीलंका में बढ़ रही लड़ाई से भारत चिंतित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने कहा है कि वह श्रीलंका में लगातार बढ़ रही हिंसा के बारे में बहुत चिंतित है. श्रीलंका ये मामला अगले हफ़्ते सार्क देशों की शिखर बैठक में उठा सकता है. दिल्ली में भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्रीलंका ने ज़ोर देकर कहा है कि वह अगले हफ़्ते दिल्ली में होने वाली दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की शिखर बैठक में ये मुद्दा उठा सकता है. मेनन ने कहा कि भारत का मानना है कि ज़रूरत है कि श्रीलंका में संघर्ष से जुड़े सभी पक्ष प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का समाधान खोजें. उनका कहना था, "हमें इस संदर्भ में ये भी देखना होगा कि हम (सार्क देश) आतंकवाद को ख़त्म करने के अपने सहयोग को किस तरह से आगे बढ़ा सकते हैं. हमें ये भी देखना होगा कि जो कदम उठाए गए हैं, क्या वे पर्याप्त हैं या कुछ और करने की कोशिश हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये मुद्दा हम सभी से संबंधित है." सोमवार को तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई ने पहली बार कोलंबों के बाहर स्थित एक सैन्य अड्डे पर हवाई हमला किया था. मंगलवार को श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों ने बट्टिकलोवा ज़िले के एक सैनिक शिविर को निशाना बनाते हुए आत्मघाती हमला किया था जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई. ईरान का अनुरोध उधर भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने बताया है कि ईरान ने अनुरोध किया है कि सार्क बैठकों में उसे पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल किया जाए. इस विषय पर अगले हफ़्ते होने वाली सार्क बैठक में चर्चा होगी. अफ़ग़ानिस्तान सार्क संगठन में शामिल होने वाला नया देश है जबकि यूरोपीय संघ, अमरीका, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि इस बैठक में पर्यवेक्षकों के रूप में शामिल होंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें तमिल विद्रोहियों ने किया हवाई हमला25 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका के पूर्वोत्तर भाग में लड़ाई23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के अड्डों पर क़ब्ज़े का दावा09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी श्रीलंका में भारी संख्या में पलायन08 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका: अमरीकी, इतालवी राजदूत घायल27 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'बारूदी सुरंग के पुर्ज़े बरामद'16 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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