|
तमिल विद्रोहियों ने किया हवाई हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिल विद्रोहियों ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के मुख्य हवाई अड्डे पर हवाई हमला किया है. श्रीलंकाई सुरक्षा बलों का कहना है कि एक हल्के विमान से हवाई अड्डा परिसर में ही स्थित सैनिक ठिकाने पर बम गिराए गए. इस हमले में तीन वायु सैनिक मारे गए हैं और 17 अन्य घायल हुए हैं. दो दशक से चल रहे तमिल विद्रोह में पहली बार तमिल विद्रोहियों ने हवाई हमला किया है. स्थानीय संवाददाताओं का कहना है कि इस हमले के बाद अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है. एक श्रीलंकाई पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमला उस पार्किंग एरिया में हुआ जहाँ वायुसेना के जंगी विमान और हेलीकॉप्टर होते हैं. यह हवाईअड्डा श्रीलंका के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से थोड़ी ही दूर पर है. हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है. हमले से दहशत में आए यात्रियों ने यहीं पर पनाह ली है. अफ़रा तफ़री तमिल विद्रोहियों का कहना है कि दो विमानों से हमले किए गए और ये अपने काम को अंजाम देने के बाद सुरक्षित अपने ठिकाने पर लौट आए हैं. वर्ष 2001 में विद्रोहियों ने इसी हवाई अड्डे पर ज़मीनी हमला किया था जिसमें एयर लंका के आधे से ज़्यादा विमान नष्ट हो गए थे.
लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम यानी एलटीटीई के एक प्रवक्ता ने रायटर को बताया, "यह सिर्फ़ आत्मरक्षा के लिए किया गया हमला नहीं है बल्कि श्रीलंकाई सुरक्षा बलों के हवाई हमलों से तमिल लोगों को बचाने का एक प्रयास है." कोलंबो स्थित बीबीसी संवाददाता रोलैंड बोर्क ने कहा कि हवाइई अड्डे के निकट रहने वालों की नींद स्थानी समयानुसार देर रात तब टूट गई जब उन्हें एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए. इसके बाद गोलियाँ चलने की आवाज़ भी सुनाई दी गई. हवाई अड्डे पर मौजूद एक ब्रिटिश यात्री नील बटलर ने बीबीसी न्यूज वेबसाइट को बताया कि हमले के समय वो घरेलू टर्मिनल के भीतर थे. उनका कहना था," हवाई अड्डे के कर्मचारी बाहर निकलने के रास्ते पर पहुँचे और उनके पीछे पीछे यात्री भी गए. मैं जब नीचे चेक-इन एरिया में गया तो वहाँ भारी संख्या में यात्री थे और बाहर से गोलियों की आवाज़ सुनाई दे रही थी." पहला हवाई हमला सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच चल रहे दो दशकों के संघर्ष में पहली बार तमिल विद्रोहियों ने किसी हमले के लिए हवाई जहाज़ का प्रयोग किया है.
समाचार एजेंसी एपी के संवाददाता दिलीप गांगुली ने बीबीसी को बताया कि इससे पहले सेना और सरकार के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं थी कि तमिल विद्रोही हवाई हमले करने में सक्षम हो गए हैं. उनका कहना है कि इससे पहले ख़बरें मिली थीं कि तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई के प्रमुख वी प्रभाकरण के जन्मदिन पर हवाई जहाज़ से फूल बरसाए गए थे लेकिन इसे हवाई हमले से जोड़कर नहीं देखा गया था. दिलीप गांगुली के अनुसार इस हमले के बाद अधिकारी बेहद चिंतित है. फिलहाल वे पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि श्रीलंकाई राडार पर इन हवाई जहाज़ों के आने का पता कैसे नहीं चला. अधिकारी इस बात से भी चिंतित हैं कि इसके बाद तमिल विद्रोही चाहे जहाँ हवाई हमला कर सकते हैं. वैसे इस हमले के बाद से किसी भी मंत्री ने पत्रकारों से कोई बात नहीं की है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका के पूर्वोत्तर भाग में लड़ाई23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी श्रीलंका में संघर्ष, हज़ारों का पलायन10 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के अड्डों पर क़ब्ज़े का दावा09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी श्रीलंका में भारी संख्या में पलायन08 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका: अमरीकी, इतालवी राजदूत घायल27 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'बारूदी सुरंग के पुर्ज़े बरामद'16 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||