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पूर्वी श्रीलंका में संघर्ष, हज़ारों का पलायन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी श्रीलंका में सरकारी सेना और तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई के बीच ताज़ा गोलीबारी की वजह से हज़ारों नागिरक अपना घर छोड़कर शरणार्थी शिविरों में चले गए हैं. सेना के अधिकारियों का कहना है कि बट्टिकलोवा शहर से शुक्रवार को ही तकरीबन 13 हज़ार लोग सरकार नियंत्रित क्षेत्रों में बने शरणार्थी शिवरों में पहुँचे हैं. उधर, तमिल विद्रोहियों का कहना है कि सरकार उन्हें पूरी तरह से युद्ध में उतरने के लिए विवश कर रही है और अगर ऐसा हुआ तो पूरा द्वीप इसकी आग में झुलसेगा. ग़ौरतलब है कि श्रीलंका की सेना देश के पूर्वोत्तर इलाक़े से एलटीटीई को खदेड़ने की कोशिश कर रही है. इसी के तहत पिछले चार दिनों से त्रिंकोमाली से दक्षिण बट्टिकलोवा के पास सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच जारी लड़ाई के कारण अबतक 30 हज़ार से ज़्यादा लोग इलाक़े से पलायन करके सरकारी शिविरों में पहुँच चुके हैं. सेना का कहना है कि उसने देश के पूर्वी हिस्से में एलटीटीई नियंत्रित बड़े इलाक़ों को अपने नियंत्रण में ले लिया है और शेष बचे हिस्से से तमिल विद्रोहियों को खदेड़ देगी. सेना के अनुसार, इस कार्रवाई में बीस तमिल विद्रोही मारे गए हैं. हालाँकि एलटीटीई का दावा है कि ताज़ा संघर्ष में उसने एक सैनिक और चार पुलिस कमांडो को मार दिया है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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