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श्रीलंका के पूर्वोत्तर भाग में लड़ाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में तमिल चरमपंथियों का कहना है कि श्रीलंका की सेना के सैकड़ों सैनिक एलटीटीई के नियंत्रण वाले देश के पूर्वीत्तर भाग में दाख़िल हुए हैं. तमिल चरमपंथियों का आरोप है कि श्रीलंका के सैनिकों ने एक गाँव पर कब्ज़ा कर लिया है और वे तमिल नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन सेना ने इसका खंडन किया है. तमिल चरमपंथियों के प्रवक्ता रसैयाह इलानथिरियन का कहना है कि 300 सैनिकों ने मन्नार ज़िले के एक गाँव पर कब्ज़ा कर रखा है. सेना का कहना है कि उसने गुरुवार को हुई लड़ाई में 13 विद्रोहियों को मार दिया. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर प्रसाद समरसिंघे का कहना था, "एलटीटीई के कुछ अड्डों को तबाह करने के लिए सैन्य अभियान जारी है लेकिन एलटीटीई नागरिकों की सुरक्षा को नज़रअंदाज़ करते हुए मॉरटार ताग रही है." उधर देश के पूर्वी भाग में सरकारी सेना तमिल चरमपंथियों को उनके नियंत्रण वाले हिस्से से ख़देड़ने की कोशिश कर रही है. पिछले 15 महीने से चल रही लड़ाई में चार हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं चाहे दोनो पक्षों ने वर्ष 2002 में हुए संघर्षविराम को नकारा नहीं है. पर्यवेक्षकों का कहना है कि श्रीलंका पूर्ण गृह युद्ध की ओर खिसक रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्वी श्रीलंका से पलायन जारी11 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के अड्डों पर क़ब्ज़े का दावा09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के जहाज़ पर हमला, 15 मारे गए28 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस हथियारों से लदा जहाज़ पकड़ा गया14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को आर्थिक सहायता पर भ्रम30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बढ़ती हिंसा पर चेतावनी29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विद्रोही ठिकानों पर बमबारी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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