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एलटीटीई के अड्डों पर क़ब्ज़े का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना का कहना है कि तीन दिनों तक चली कार्रवाई के बाद उन्होंने देश के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित तमिल विद्रोहियों के चार अड्डों पर क़ब्ज़ा कर लिया है. सेना का कहना है कि कार्रवाई में कई लोग हताहत हुए हैं. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर प्रसाद समरसिंघे ने कहा है कि बचे हुए विद्रोही भाग निकलने में सफल रहे. इस बीच ख़बर है कि बट्टिकलोवा शहर के निकट जारी लड़ाई को देखते हुए 18 हज़ार लोग वहाँ से चले गए हैं. दिसंबर 2005 से जारी संघर्ष में अभी तक चार हज़ार लोग मारे गए हैं. हालाँकि सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच आधिकारिक रूप से संघर्षविराम अभी भी जारी है. कार्रवाई सैनिक अधिकारियों के मुताबिक़ शुक्रवार तड़के एलटीटीई के तीन ठिकानों पर सेना ने क़ब्ज़ा कर लिया. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर समरसिंघे ने कहा कि त्रिंकोमाली के उत्तर में एलटीटीई के कैंप के कारण सैनिक अड्डों के लिए ख़तरा पैदा हो गया था. इस बीच त्रिंकोमाली से दक्षिण बट्टिकलोवा के निकट सरकारी सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच जारी लड़ाई के कारण 18 हज़ार से ज़्यादा लोग इलाक़े से पलायन कर चुके हैं. सेना इन इलाक़ों से एलटीटीई विद्रोहियों के खदेड़ने की कोशिश कर रही है. हालाँकि एलटीटीई का दावा है कि ताज़ा संघर्ष के दौरान उन्होंने एक सैनिक को मार दिया है. लेकिन सरकारी सेना का कहना है कि उन्होंने देश के पूर्वी हिस्से में एलटीटीई नियंत्रित बड़े इलाक़ों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्वी श्रीलंका में भारी संख्या में पलायन08 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के जहाज़ पर हमला, 15 मारे गए28 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका: अमरीकी, इतालवी राजदूत घायल27 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'बारूदी सुरंग के पुर्ज़े बरामद'16 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस हथियारों से लदा जहाज़ पकड़ा गया14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'जंबो कैबिनेट’ के लिए जगह नहीं01 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम विस्फोट, सात की मौत31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को आर्थिक सहायता पर भ्रम30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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