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श्रीलंका में बम विस्फोट, सात की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में अधिकारियों का कहना है कि देश के पूर्वी हिस्से में बुधवार को सड़क के किनारे रखा बम फटने से छह पुलिसकर्मियों समेत सात लोग मारे गए हैं. इस घटना में 12 पुलिस अधिकारी घायल भी हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि ये विस्फोट बट्टिकलोआ ज़िले में एक यूनिवर्सिटी के निकट हुआ है. सुरक्षाकर्मियों से भरी एक बस जैसी ही यूनिवर्सिटी के निकट पहुँची, वहाँ एक ज़ोरदार विस्फोट हो गया. सुरक्षाकर्मी उस बस में बैठकर अपनी छुट्टियाँ बिताने जा रहे थे. श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने विस्फोट के लिए तमिल विद्रोहियों यानी एलटीटीई को ज़िम्मेदार ठहराया है. सैनिक अभियान श्रीलंका सुरक्षा बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर प्रसाद समरासिंघे ने कहा कि क्लेमोर बारूदी सुरंग में डेटोनेटर के ज़रिए विस्फोट किया गया. कोलंबो स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एलटीटीई ने शीघ्र ही बदले की कार्रवाई करने की धमकी दी है. पिछले कुछ महीनों में पूर्वी श्रीलंका में हिंसक गतिविधियाँ तेज़ हुई हैं. सेना ने दावा किया है कि उसने तटीय इलाक़ों में स्थित गाँवों और शहरों से विद्रोहियों को खदेड़ दिया है जहाँ वे लगभग पिछले एक दशक से नियंत्रण में थे. ग़ौरतलब है कि श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं. तमिल विद्रोही जंगलों में छिप रहे हैं जहाँ सेना उनके ख़िलाफ़ अभियान चला रही है. एलटीटीई और श्रीलंका सरकार के बीच वर्ष 2002 में संघर्षविराम हुआ था लेकिन दोनों पक्ष अब इस समझौते को दरकिनार कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में बढ़ती हिंसा पर चेतावनी29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई की' तीन नौकाएँ नष्ट27 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम धमाका, 15 की मौत06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम विस्फोट, पाँच की मौत05 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विद्रोही ठिकानों पर बमबारी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में सीधा हस्तक्षेप नहीं-प्रणव22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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