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श्रीलंका: अमरीकी, इतालवी राजदूत घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के पूर्वी भाग में हुए एक हमले में श्रीलंका में अमरीका और इटली के राजदूत घायल हो गए हैं. अमरीका के राजदूत रॉबर्ट ब्लेक और इटली के राजदूत प्रायो मारियानी बट्टिकलोवा शहर में वायुसेना के हवाई अड्डे पर पहुँचे ही थे जब हमला हुआ. राजनयिक बट्टिकलोवा शहर में विकास से संबंधित एक बैठक में भाग लेने गए थे. इतालवी राजदूत मारियानी को एक स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए ले जाना पड़ा जबकि अमरीकी राजदूत ब्लेक को राजधानी कोलंबो ले जाना पड़ा है. श्रीलंका की सेना के कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं. उधर तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. लेकिन एलटीटीई का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि राजनियक उस इलाक़े में हैं. उधर हाल ही में श्रीलंका को मदद देने वाले संगठनों और देशों ने वहाँ की सरकार और तमिल विद्रोहियों से हिंसा रोकने की अपील की थी. श्रीलंका में सत्तर के दशक में शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 65 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. वर्ष 2002 में श्रीलंका की सरकार और एलटीटीई के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी थी लेकिन पिछले लगभग एक साल से देश में फिर हिंसक घटनाएँ शुरु हो गई हैं और दोनो पक्ष एक दूसरो को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में बढ़ती हिंसा पर चेतावनी29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई की' तीन नौकाएँ नष्ट27 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम धमाका, 15 की मौत06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम विस्फोट, पाँच की मौत05 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विद्रोही ठिकानों पर बमबारी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में सीधा हस्तक्षेप नहीं-प्रणव22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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