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गुरुवार, 18 अक्तूबर, 2007 को 13:22 GMT तक के समाचार
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जयललिता पर विशेषाधिकार मामला
जयललिता
तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक दलों द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच अक्सर टकराव होता है
तमिलनाडु की सरकार में मंत्री एमके स्टालिन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की प्रमुख जयललिता के ख़िलाफ़ गुरूवार को विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया है.

स्टालिन सत्तारूढ़ द्रविण मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार में स्थानीय मामलों के मंत्री हैं और मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के पुत्र हैं.

राज्य विधानसभा के अध्यक्ष 'आर अवुदाइअप्पन' ने इस मामले पर प्रारंभिक तौर पर ग़ौर करने के बाद इसे सदन की विशेषाधिकार समित के पास विचार के लिए भेज दिया है.

स्टालिन का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनपर अपनी सुरक्षा से संबंधित झूठे आरोप लगाए थे.

यह ख़बर भारत के कई प्रमुख अख़बारों में भी छपी है.

'जयललिता प्रमाण दें'

स्टालिन ने कहा जयललिता के लिए ऐसे आरोप लगाना अब एक आम बात हो गई है और अगर इसमें कुछ भी सच्चाई है तो उन्हें इसका प्रमाण देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वह अदालत में भी इस मामले का सामना करने को तैयार हैं.

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दिए विशेषाधिकार हनन के नोटिस में जयललिता के साथ, स्थानीय जया टीवी और दो सांध्यकालीन अख़बारों के पत्रकारों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई किए जाने की मांग की है.

उधर जयललिता ने कहा है कि उन्हें मिली जानकारी पुख़्ता है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'ज़ेड-प्लस' सुरक्षा की जगह, तमिलनाडु सरकार ने उन्हें सुरक्षा के नाम पर सिर्फ़ तीन कांस्टेबल ही मुहैया कराए हैं.

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