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भाजपा और अन्नाद्रमुक का रिश्ता ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक के बीच तमिलनाडु में हुआ गठबंधन समाप्त हो गया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने गठबंधन के जारी रहने की संभावनाओं से इनकार करते हुए कहा कि ये रिश्ता लोकसभा चुनाव के लिए ही था. संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "गठबंधन चुनाव के लिए ही था. चुनाव ख़त्म हो गए तो आप बेहतर समझ सकते हैं." ये पूछे जाने पर कि विधानसभा चुनाव में क्या होगा तो उन्होंने कहा कि यह उसी समय तय किया जाएगा. उनका कहना था कि सभी राजनीतिक दलों का यही कहना है. ये पूछे जाने पर कि राज्य से इस गठबंधन के सफ़ाए की वजह क्या जयललिता सरकार के अलोकप्रिय फ़ैसले थे तो उन्होंने कहा कि गठबंधन का फ़ैसला मिलजुलकर किया गया था और जनता का फ़ैसला सबको स्वीकार करना चाहिए.
मगर उन्होंने ये ज़रूर कहा कि जो फ़ैसले जयललिता सरकार ने चुनाव के बाद वापस लिए अगर वे पहले ही ले लिए होते तो नतीजे शायद कुछ और होते. नायडू ने कहा कि भाजपा ने जनता का फ़ैसला स्वीकार किया है और अब पार्टी एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी. वैसे उन्होंने जयललिता की राहत के लिए ये ज़रूर कहा कि जैसे राज्य की विपक्षी पार्टियाँ माँग कर रही हैं उसके अनुसार उन्हें इस्तीफ़ा देने की ज़रूरत नहीं है. केंद्र सरकार के बारे में उन्होंने कहा कि उसका वीटो का अधिकार तो वामपंथी पार्टियों के पास है इसलिए स्थायित्व भी उन्हीं के ऊपर है. |
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