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सोनिया गाँधी की करुणानिधि से मुलाक़ात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काँग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने द्रविड मुनेत्र कषगम (डीएमके) के नेता एम करुणानिधि से चेन्नई में मुलाकात की है. भारत की राजनीति में बीस साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि काँग्रेस पार्टी के किसी अध्यक्ष ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि से मुलाकात की है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की 1991 में हत्या के बाद काँग्रेस ने डीएमके पर कुछ आरोप लगाए थे. डीएमके श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई का समर्थन करता आया है और एलटीटीई की एक आत्मघाती हमलावर ने ही राजीव गाँधी पर हमला किया था. काँग्रेस अध्यक्ष और डीएमके प्रमुख की मुलाकात के बाद एक महत्वपूर्ण बात यह निकली कि अब काँग्रेस ने डीएमके पर लगाए आरोप वापस ले लिए हैं. काँग्रेस का कहना है कि राजीव गाँधी की हत्या के मामले में डीएमके के ख़िलाफ़ कुछ नहीं निकला था. कॉग्रेस और द्रविड मुनेत्र कषगम (डीएमके) पहले ही आगामी लोकसभा चुनाव साथ लड़ने पर सहमती जता चुके हैं. पिछले महीने कॉग्रेस नेता मनमोहन सिंह और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने दोनों पार्टियों के 'सांप्रदायिक ताकतों को हराने और धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने' के लिए मिलकर चलने की बात कही थी. |
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