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जयललिता अब फिर भाजपा के साथ
तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक यानी एआईएडीएमके एक बार फिर साथ आ गए हैं और मिलकर चुनाव लड़ेंगे. जयललिता 1998 में भाजपा की सहयोगी हुआ करती थीं और उनकी पार्टी एनडीए सरकार में शामिल थी. भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू की एआईएडीएमके नेता जयललिता के साथ हुई बैठक के बाद गठबंधन का फ़ैसला हुआ है. हालांकि अभी यह फ़ैसला नहीं हुआ है कि सीटों का बँटवारा किस तरह होगा. तमिलनाडु की राजनीति में द्रमुक और अन्नाद्रमुक दो ऐसी पार्टियाँ हैं जिनके बिना कोई भी राजनीतिक समीकरण पूरा नहीं होता. जब तक जयललिता भाजपा के साथ थीं तब तक करुणानिधि की द्रमुक के लिए भाजपा दुश्मन हुआ करती थी. 1998 से 2004 जयललिता 1998 में भाजपा की सहयोगी हुआ करती थीं. लेकिन बाद में उन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और सरकार गिर गई थी. 1999 के चुनाव में द्रमुक भाजपा के साथ एनडीए में शामिल हो गई. अब जबकि द्रमुक ने एनडीए से अपने आपको अलग कर लिया है यह माना ही जा रहा था कि अब भाजपा और अन्नाद्रमुक साथ आ जाएँगे. बुधवार को वेंकैया नायडू और जयललिता की मुलाक़ात के बाद चुनाव गठबंधन का फ़ैसला हो गया है. द्रमुक इस बार कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. इस समय तमिलनाडु में जयललिता की सरकार है. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि एक के बाद एक कई मामलों से बरी होने के बाद जयललिता का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है. हालांकि आय से अधिक संपत्ति का एक मामला अभी भी अदालत में है. |
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