|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कॉंग्रेस-एनसीपी गठबंधन का रास्ता साफ़
कॉंग्रेस और राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी(एनसीपी) के बीच चुनावी गठबंधन का रास्ता साफ़ हो गया है. गुरूवार शाम कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुई मुलाक़ात में गठबंधन के फ़ैसले को हरी झंडी दे दी गई. दिल्ली में शरद पवार के घर पर दोनों नेताओं के बीच लगभग घंटे भर बातचीत हुई.
मुलाक़ात के बाद सोनिया गाँधी ने कहा,"साथ मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की प्रक्रिया की शुरूआत हो गई है". एनसीपी नेता शरद पवार ने भी कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं. साथ ही उन्होंने समान विचारधारा वाली अन्य पार्टियों के भी उनके साथ आ मिलने की उम्मीद जताई. विदेशी मूल का मुद्दा
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि बैठक में सोनिया गाँधी के विदेशी मूल के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई. शरद पवार ने कहा,"ये मुद्दा है ही नहीं. हम एनडीए सरकार के विकल्प के बारे में बात कर रहे हैं". उल्लेखनीय है कि शरद पवार ने 1999 में सोनिया गाँधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर काँग्रेस से नाता तोड़ लिया था और पीए संगमा तथा तारिक़ अनवर के साथ मिलकर एनसीपी बनाई थी. पीए संगमा एनसीपी-काँग्रेस गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं और माना जा रहा है कि वे पार्टी से अलग हो सकते हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||