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जयललिता और महालेखाकार के बीच ठनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु राज्य की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए प्रमुख दैनिक अख़बारों में विज्ञापन जारी कर राज्य के महालेखाकार की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने महालेखाकार की आलोचना इसलिए की है कि उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार को हुए राजस्व के घाटे के बारे में अनियमितताओं का उल्लेख किया. पिछले हफ़्ते भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में रिपोर्ट विधानसभा में रखी गई थी. उसके अगले ही दिन राज्य के महालेखाकार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिक्री कर के कारण राज्य सरकार को लगभग ग्यारह हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. संवाददाता सम्मेलन में सरकार की कई और अनियमितताएँ भी गिनाई गईं. मुख्यमंत्री जयललिता ने अख़बारों में विज्ञापन के रूप में छपे उनके बयान में कहा कि कुछ ही दिन पहले महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट सदन में रखी गई और उस पर सदन की समिति ने बहस करनी है. उनका कहना था कि उस रिपोर्ट में किसी गंभीर अनियमितता का ज़िक्र नहीं है और केवल कुछ मुद्दों पर ही टिप्पणी की गई है. उनके बयान में कहा गया है कि ये स्वतंत्र भारत के इतिहास में अभूतपूर्व है कि महालेखाकार ने संवाददाता सम्मेलन बुलाया. |
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