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बेनज़ीर के स्वागत का आँखों देखा हाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में ऐसा दिन पिछले बीस वर्षों में मैंने पहले कभी नहीं देखा, लोगों का सैलाब सड़कों पर उतर आया है. लगभग पचीस हज़ार पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे जो एक बहुत बड़ी तादाद है लेकिन वे भीड़ में उसी तरह घुल गए जैसे कि आटे में नमक. दूर-दूर से लोग बेनज़ीर का स्वागत करने पहुँचे हैं, उनके मन में कल्पनाएँ और कामनाएँ हैं. बेनज़ीर अपने साथ दो नारे लाई हैं. 'बेनज़ीर आएगी, रोज़गार लाएगी' और 'माँग रहा है हर इंसान, रोटी, कपड़ा और मकान.' ये नारे बेनज़ीर के अपने नहीं हैं, उनके पिता ने दशकों पहले चुनाव के दौरान लगाए थे. इन पर उनके कार्यकाल में अमल तो नहीं हो पाया, बेनज़ीर क्या कर पाएँगी, कितना कर पाएँगी, कहना मुश्किल है. टीवी पर चलने वाली बहस हो या अख़बार के संपादकीय वे बेनज़ीर को लेकर ढेर सारे सवाल उठा रहे हैं लेकिन इन सामान्य लोगों के लिए ये सब महज दार्शनिक बातें हैं. बीबी का स्वागत करने वालों को इससे ख़ास मतलब नहीं है कि अतीत में क्या हुआ, किस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, किसने किससे हाथ मिलाया, वे बेनज़ीर के समर्थक हैं और ख़ुश हैं. ज़ाहिर है कि लोगों के इस समुद्र को देखकर बेनज़ीर का हौसला बहुत बुलंद हुआ होगा, जब इतनी भीड़ जुटी हो तो उनका आत्मविश्वास से भर जाना स्वाभाविक होगा. बेनज़ीर अब से बीस साल पहले जब स्वदेश आईं थीं तो भी उनका ऐसा ही स्वागत हुआ था लेकिन इस बार की बेनज़ीर पिछली बार के मुक़ाबले, अधिक संयत, संतुलित और व्यवाहारिक नेता की तरह सामने आई हैं. मीडिया में बहुत बड़े पैमाने पर बेनज़ीर की वापसी को पूरे विस्तार से दिखा रहा है, अख़बार, टीवी और रेडियो हर जगह खुलकर चर्चा हो रही है. जनरल ज़िया के ज़माने में जैसी रोकटोक थी, वह अब नहीं, पर्याप्त खुलापन और मुझे ख़ुशी हो रही है कि भारत की एक अच्छी चीज़ की नकल हो रही है, मीडिया का खुलापन यहाँ अपने पूरे रंग में दिख रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'लोग इंतज़ार कर रहे हैं'17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर के स्वागत की बड़ी तैयारियाँ17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ के चुनाव पर सुनवाई17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ चुनाव जीते, कहा- एकजुट हो पाकिस्तान06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ फिर राष्ट्रपति चुने गए06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ ने राष्ट्रीय सुलह का आह्वान किया07 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर कुछ देर से ही लौटें: मुशर्रफ़11 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस सुप्रीम कोर्ट ने दिया बेनज़ीर को झटका12 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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