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नम आँखों और उम्मीदों के साथ वापसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो आठ साल के राजनीतिक निर्वासन के बाद गुरूवार को स्वदेश पहुँचीं तो भावुक हो उठीं. उनका विमान कराची हवाई अड्डे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थानीय समय के अनुसार क़रीब पौने दो बजे उतरा. विमान से उतरने के बाद ही बेनज़ीर ने हाथ उठाकर दुआ मांगी और 'अल्लाह का शुक्र' अदा किया. इस लम्हा उनकी आँखें नम हो गईं. बेनज़ीर की वापसी का स्वागत करने के लिए लगभग दो लाख लोग कराची हवाई अड्डे के आसपास और सड़कों पर इकट्टा हुए. बहुत से तो बीबी बेनज़ीर के एक झलक पाने के लिए बेताब थे. हवाई अड्डे से बाहर लगभग छह किलोटमीटर तक सड़क पर लोगों की भीड़ जमा थी. दुबई से बेनज़ीर के साथ पीपुल्स पार्टी के लगभग 100 समर्थक और कार्यकर्ता आए हैं. बेनज़ीर भुट्टो ने पाकिस्तान पहँचने के बाद बीबीसी से बातचीत में कहा, "मेरे लिए यह बहुत उत्साहजनक और भावुक वक़्त है. मैं इस लम्हे का बहुत समय से इंतज़ार कर रही थी और जब में सचमुच इस ज़मीन पर पहुँची तो मेरा दिल भर आया."
"मुझे यक़ीन ही नहीं हो रहा था कि जिस लम्हे का मैंने वर्षों, महीनों, घंटों और मिनटों में इंतज़ार किया वह मेरे सामने है." बेनज़ीर भुट्टो ने इस मौक़े पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की भी तारीफ़ की. उन्होंने कहा, "मैं इस सच्चाई की तारीफ़ करती हूँ कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और उनकी सरकार ने हमारे स्वागत समारोहों में बाधा नहीं पहुँचाई. ज़ाहिर है कि निष्पक्ष चुनाव कराने और देश को स्वतंत्रता और आधुनिकता की तरफ़ ले जाने के लिए बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है लेकिन मैं इस बात पर बहुत ख़ुश हूँ कि मेरे स्वागत में कोई बाधा नहीं खड़ी हुई." कराची में बीबीसी संवाददाता सैयद शोएब हसन का कहना है कि बेनज़ीर के स्वागत के लिए इकट्ठा हुए बहुत से लोगों ने पीपुल्स पार्टी के झंडे में मौजूद लाल, हरे और काले रंग से मेल खाते हुए कपड़े पहने थे. शहर में बहुत से स्थानों पर उत्सव का मौहाल था और लोग ढोल-ताशों की ताल पर झूम रहे थे. इस भीड़ की वजह से बेनज़ीर का काफ़िला बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ा. बहुत से लोग तो सिंध प्रांत के दूरदराज़ इलाक़ों से आए थे बेनज़ीर भुट्टो 1999 में परवेज़ मुशर्रफ़ के सत्ता में आने के बाद से ही अपनी मर्ज़ी से लंदन और दुबई में निर्वासित ज़िंदगी व्यतीत कर रहीं थीं. दुबई से रवाना होने से पहले बेनज़ीर भुट्टो ने भावुक होते हुए कहा, "अल्लाह का शुक्र है. मैं बहुत ख़ुश हूँ कि इतने समय के बाद अपने देश वापिस जा रही हूँ और मैं बहुत समय से इस दिन का ख़्वाब देख रही थी." हरे रंग की शलवार-क़मीज़ पहने और सफ़ेद दुपट्टे से सिर ढके हुए बेनज़ीर भुट्टो ने रवाना होने से पहले क़ुरान सिर पर रखा और उसे चूमा. उन्हें विदा करने वालों में और लोगों के अलावा उनके पति आसिफ़ अली जरदारी और दो बेटियाँ भी थीं. कराची में उनके समर्थकों ने स्वागत की भारी तैयारियाँ की. दूसरी ओर प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए.
पाकिस्तान में गृह मंत्रालय के अधिकारी जावेद इक़बाल चीमा ने कहा है कि तालेबान समर्थक चरमपंथियों ने आत्मघाती हमलों की धमकी दी थी. भ्रष्टाचार के मुक़दमें वापस लिए जाने के आश्वासन के बाद बेनज़ीर भुट्टो पाकिस्तान लौटी हैं. संभावना है कि बेनज़ीर भुट्टो और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच सत्ता में साझेदारी के लिए एक समझौता भी होने जा रहा है. सुरक्षा के इंतज़ाम प्रशासन ने कोई 20 हज़ार सैनिकों और पुलिसकर्मियों की कराची में तैनाती की है. शहर के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों को बड़े-बड़े कंटेनर लगाकर बंद कर दिया गया. पाकिस्तान के गृहमंत्रालय के अधिकारी जावेद इक़बाल चीमा का कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो ने बुलेटप्रूफ़ गाड़ियाँ जुलूस में ले जाने की इजाज़त माँगी थी जो उन्हें दे दी गई. उनका कहना है कि हालात को ध्यान में रखते हुए हथियारों के सार्वजनिक रुप से प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई. स्वागत की तैयारी उनके भव्य स्वागत के लिए हज़ारों पार्टी कार्यकर्ता बुधवार की शाम से ही कराची पहुँचना शुरू हो गए थे.
बेनज़ीर भुट्टो का भव्य स्वागत करने के लिए कराची में उनकी बड़ी-बड़ी तस्वीरें, बैनर और पार्टी के झंडे लगाए गए. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ता शहर भर में संगीत की धुनों पर नाच रहे हैं और बेनज़ीर भुट्टो की स्वदेश वापसी पर बहुत ख़ुश नज़र आ रहे हैं. स्थानीय पत्रकार हफ़ीज़ चाचड़ के मुताबिक़ बेनज़ीर भुट्टो के निवास बिलावल हाउस में कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी हई है और जश्न का माहौल है. पीपुल्स पार्टी के एक नेता सफ़दर अब्बासी ने बताया, “पूरा शहर बेनज़ीर भुट्टो और शहीद ज़ुल्फेक़ार अली भुट्टो की तस्वीरों, पार्टी के झंडों और बैनर से सजा हुआ है. बेनज़ीर भुट्टो का ऐतिहासिक स्वागत करने के लिए हज़ारों पार्टी कार्यकर्ता कराची पहुँचे हैं.” | इससे जुड़ी ख़बरें 'लोग इंतज़ार कर रहे हैं'17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर के स्वागत की बड़ी तैयारियाँ17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ के चुनाव पर सुनवाई17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ चुनाव जीते, कहा- एकजुट हो पाकिस्तान06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ फिर राष्ट्रपति चुने गए06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ ने राष्ट्रीय सुलह का आह्वान किया07 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर कुछ देर से ही लौटें: मुशर्रफ़11 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस सुप्रीम कोर्ट ने दिया बेनज़ीर को झटका12 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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