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एक राजनीतिक पार्टी महिलाओं की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
देश में बढ़ रही राजनीतिक पार्टियों की भीड़ में एक अलग तरह की पार्टी उभरी है और इस पार्टी की विशेषता यह है कि इसमें सिर्फ़ महिला सदस्य हैं. 'यूनाइटेड वीमेन फ़्रंट' (यूडब्लूएफ़) के नाम से गठित इस पार्टी का उद्देश्य भ्रष्टाचार और ग़रीबी से लड़ना और महिलाओं को समाज में बराबरी का हक़ दिलाना है. इस पार्टी में इस समय कोई 100 सदस्य हैं और यह चाहती है कि गुजरात और हिमाचल में लड़ा जाए और इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में भी उम्मीदवार उतारे जाएँ. इस पार्टी की प्रमुख हैं सुमन कृष्णकांत. वे समाजसेविका हैं और दिवंगत उपराष्ट्रपति कृष्णकांत की पत्नी हैं. बीबीसी ने जब उनसे इस पार्टी के गठन का कारण पूछा तो उन्होंने कहा, "महिलाएँ कई सालों से अपनी जगह पाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. पिछले दस सालों में एनडीए और यूपीए दोनों ने महिलाओं को बहुत कुछ देने का वादा किया लेकिन दिया कुछ नहीं." उनका कहना था कि जब देश में सिर्फ़ आठ प्रतिशत महिलाएँ विधायिका का हिस्सा हों और सिर्फ़ दो प्रतिशत महिलाओं को न्यायपालिका में जगह मिल सकी हो तो संघर्ष करना ज़रूरी है. यह पूछने पर कि वे अपनी पार्टी से पुरुषों को क्यों अलग रख रही हैं, उन्होंने कहा, "बिल्कुल अलग नहीं रख रहे हैं, हम उनको 50 प्रतिशत आरक्षण दे देंगे." सुमन कृष्णकांत का कहना था कि उनकी राजनीतिक पार्टी की अपनी आर्थिक नीति है और अपनी विदेश नीति. | इससे जुड़ी ख़बरें सोनिया विश्व की छठी सबसे ताक़तवर महिला31 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'सबसे बड़े लोकतंत्र में महिलाओं की उपेक्षा'07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस महिला मुद्दे पर सेना फिर सवालों में 08 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस क्या महिला राष्ट्रपति होना बस प्रतीकात्मक ही है?26 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'पार्टी स्तर पर महिलाओं को आरक्षण'25 जून, 2007 | भारत और पड़ोस असम की हज़ारों लापता महिलाओं की कहानी11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस फिर की गई महिलाओं की उपेक्षा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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