BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 17 सितंबर, 2007 को 16:57 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'पार्टी लाइन के विरोध' में आए बुद्धदेब

बुद्धदेब भट्टाचार्य
बुद्धदेब ने कहा कि वैज्ञानिक फ़ैसला करें ना कि राजनेता
एक ओर वामपंथी पार्टियों ने परमाणु समझौते के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नाक में दम कर रखा है, लेकिन वहीं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य पार्टी लाइन के विरोध में आ खड़े हुए हैं.

उन्होंने कोलकाता में कहा कि कोई भी देश परमाणु ऊर्जा के बिना नहीं रह सकता. इससे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर के मतविरोध और असमंजस ही उजागर होती है.

सोमवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय परिषद को कोलकाता में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह परमाणु ऊर्ज़ा पर ज़ोर दे रहे हैं, जो ग़लत नहीं है.

 कई वैज्ञानिक भी मानते हैं कि ऊर्जा की ज़रूरतों से निपटने के लिए परमाणु ऊर्जा की ओर भारत को ध्यान देना ही पड़ेगा. राजनेताओं को ये मामला वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों और ऊर्जा विशेषज्ञों पर छोड़ देना चाहिए
बुद्धदेब भट्टाचार्य

उन्होंने कहा, "कई वैज्ञानिक भी मानते हैं कि ऊर्जा की ज़रूरतों से निपटने के लिए परमाणु ऊर्जा की ओर भारत को ध्यान देना ही पड़ेगा. राजनेताओं को ये मामला वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों और ऊर्जा विशेषज्ञों पर छोड़ देना चाहिए."

ज़ाहिर है बुद्धदेब भट्टाचार्य अपने ही वामपंथी साथियों को टोक रहे थे. लेकिन उनके इस बयान के ख़िलाफ़ वामपंथी नेताओं ने हल्ला करना शुरू भी कर दिया है.

हल्ला

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के अवनि रॉय ने कहा कि परमाणु बिजली घरों पर ज़्यादा ख़र्च होता है और पर्यावरण के लिए वे ज़्यादा ख़तरनाक भी होते हैं.

सीपीएम की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है

उन्होंने कहा कि जब वाम मोर्चा भारत-अमरीका परमाणु समझौते का विरोध कर रहा है, तो बुद्धदेब भट्टाचार्य का ये बयान बहुत ही ख़तरनाक साबित हो सकता है.

लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर से बुद्धदेब भट्टाचार्य के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं आई है लेकिन जानकारों का कहना है कि सीपीएम की बंगाल इकाई केंद्रीय नेतृत्व के रवैए से ख़ुश नहीं है- ये अब खुल कर बाहर आ गया है.

बंगाल के हरिपुर में ख़ुद बुद्धदेब भट्टाचार्य एक परमाणु ऊर्जा इकाई स्थापित करने के लिए आगे बढ़ चुके हैं और ज्योति बसु और बिमान बोस जैसे नेता नहीं चाहते हैं कि देश पर अभी चुनाव का बोझ थोप दिया जाए.

इससे जुड़ी ख़बरें
सीपीएम ने लिखा सांसदों को खुला पत्र
07 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
नौसैनिक अभ्यास के ख़िलाफ़ 'जत्था'
04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
वाम दलों ने फिर सरकार को चेताया
02 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
परमाणु समझौते पर आज अहम बैठक
30 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस
'गतिरोध दूर करने के लिए समिति बनेगी'
27 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस
परमाणु मुद्दे पर माकपा नरम हुई
25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस
सरकार फिलहाल संकट में नहीं:सीपीएम
25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस
'टला नहीं है यूपीए सरकार का संकट'
20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>