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गुरुवार, 06 सितंबर, 2007 को 14:29 GMT तक के समाचार
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हैदराबाद में धर-पकड़ पर भारी गुस्सा

हैदराबाद बम धमाके-फ़ाइल फ़ोटो
हैदराबाद बम धमाके के बाद पुलिस ने कई युवकों हिरासत में लिया
हैदराबाद में हुए बम धमाकों के बाद ग़ैरक़ानूनी तरीके से अनेक युवकों को पकड़ा गया था. जनता के विरोध के बाद कुछ युवकों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरु हो गई है.

पुलिस ने कुछ युवकों को रिहा भी कर दिया गया है. लेकिन अभी भी ऐसे कई लड़के हैं जिनके बारे में उनके परिवारवालों को कुछ भी पता नहीं है.

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त बलविंदर सिंह ने 10 लोगों को हिरासत में लेने की पुष्टि की है. लेकिन इन लोगों के ख़िलाफ़ जो आरोप हैं उनका बम धमाकों से किसी भी तरह का संबंध नहीं है.

पुलिस आयुक्त ने कहा, "उन्हें पहले के मामलों में हिरासत में लिया गया है. उनके ख़िलाफ़ जो मामले दर्ज किए गए हैं वे हाल के धमाको या फिर विस्फोटक ले जाने से संबंधित नहीं हैं. इन्हें जिन मामलों में हिरासत में लिया गया है वे पुराने मामले हैं."

विशेष जाँच टीम ने दस में से सात युवकों पर 2004 में एक मंदिर को बम से उड़ाने की योजना में पकड़ा है जबकि तीन लोगों को दूसरे अन्य मामलों में शामिल होने के लिए बंदी बनाया है.

मंदिर मामले में पकड़ गए लोगों में डॉक्टर इब्राहीम अली जुनैद, अरशद ख़ान, मक़सूद अहमद, अब्दुल रहीम, अब्दुल वाजेद, अब्दुल रऊफ़ और शेख़ फ़रीद शामिल हैं.

पुलिस का दावा है कि इन लोगों के पास 'जेहादी साहित्य' और संदिग्ध सामग्री पाई गई है.

अदालत ने पकड़े गए लोगों को दो हफ़्ते की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

प्रताड़ना

 उन्हें पहले के मामलों में हिरासत में लिया गया है. उनके ख़िलाफ़ जो मामले दर्ज किए गए हैं वे हाल के धमाको या फिर विस्फोटक ले जाने से संबंधित नहीं हैं. इन्हें जिन मामलों में हिरासत में लिया गया है वे पुराने मामले हैं
पुलिस आयुक्त बलविंदर सिंह

लगभग सात लोगों को छोड़ भी दिया गया है. उनमें से हफ़ीज़ मोहम्मद बिलाल मिफ़्ताही को रिहाई के बाद उस्मानिया अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

उनकी शिकायत है कि उन्हें पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया. बिलाल को पाँच दिन पहले पुलिस पकड़ कर ले गई थी.

बिलाल ने बताया कि पुलिस ने मक्का मस्जिद बम धमाके में शामिल होने की बात स्वीकार करने का दबाव बनाया और इसके लिए उन्हें पैसे का प्रस्ताव भी दिया गया.

उन्होंने बताया, "मैं इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं था और मस्जिद पर हमले की बात तो सोची भी नहीं जा सकती है. मैंनें उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया."

कई मुस्लिम संगठन और नागरिक संवतंत्रता की वकालत करने वाले संगठनों ने पुलिस पर दबाव बनाते हुए पूछा था कि कैसे इतनी बड़ी संख्या में युवकों को बिना उनके परिवारवालों को बताए हुए पकड़ लिया गया.

संदिग्ध का स्केच
पुलिस ने बम धमाकों के संदिग्ध व्यक्ति का स्केच भी जारी कर रखा है

हैदराबाद स्थित नागरिक स्वतंत्रता समिति के सचिव लतीफ़ मोहम्मद ख़ान ने पुलिस आयुक्त बलविंदर सिंह और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के अरविंद राव से मुलाक़ात की और ग़ैरक़ानूनी तरीके से पकड़े गए युवकों की समस्या पर बातचीत की.

उन्होंने ख़ासतौर पर उन छात्रों को छोड़े जाने पर ज़ोर दिया जिनकी गिरफ़्तारी से उनका भविष्य ख़तरे में पड़ गया है.

लतीफ़ ख़ान ने बताया कि उनके पास ऐसे 27 लोगों की सूची है जो पुलिस हिरासत में हैं और अभी और लोग नामों के साथ उनके पास आ रहे हैं.

भरोसा

लतीफ़ ख़ान ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अगले एक-दो दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा. निर्दोष लोगों को छोड़ दिया जाएगा और संदिग्ध लोगों को अदालत में पेश कर दिया जाएगा.

 मैं इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं था और मस्जिद पर हमले की बात तो सोची भी नहीं जा सकती है. मैंनें उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया
बिलाल, एक प्रताड़ित युवक

'सियासत' अख़बार के संपादक ज़हीर अली ख़ान के नेतृत्व में एक अन्य प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की और उनसे निर्दोष लोगों को तंग न करने और गिरफ़्तारी रोकने का आग्रह किया.

सरकार के भरोसे के बावजूद गिरफ़्तारियाँ और आधी रात के छापे जारी हैं.

पुलिस ने हाल में वांछित चरमपंथी अब्दुल शाहेद के क़रीबी रिश्तेदार सैयद अहमद कुरैशी, बीकॉम की पढ़ाई कर रहे मोहम्मद सुहैल और बोवेनपल्ली इलाक़े के एक वेल्डर को पकड़ ले गई.

इस तरह पुलिस के युवकों को उठाए जाने से लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है. जब पुलिस मोहम्मद जावेद औऱ मोहम्मद अली को पकड़कर ले गई तो व्यस्त रहने वाला जगदीश बाज़ार इलाक़े में बंद कर दी गई.

दूसरे दुकानदारों ने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की और उनसे गिरफ़्तारी की वजह पूछा.

भीड़ को तितत-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया और गुस्साए दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं.

इलाक़े में बढ़ते तनाव को देखते हुए त्वरित कार्य बल तैनात कर दिया गया है.

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