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प्रधानमंत्री ने की सुरक्षा व्यवस्था पर बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हैदरबाद बम धमाकों के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया है. इस बैठक में गृहमंत्री शिवराज पाटिल, सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन, गृहसचिव मधुकर गुप्ता, कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर और ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख पीसी हालदार मौजूद थे. इस बैठक से पहले गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने हैदराबाद से लौटने के बाद प्रधानमंत्री सिंह को वहाँ की स्थिति का विवरण दिया. उल्लेखनीय है कि हैदराबाद के दो भीड़ भरे इलाक़े में शनिवार की रात हुए धमाकों में 42 लोगों की मौत हो गई थी. आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाय राजशेखर रेड्डी ने इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान या बांग्लादेश के किसी संगठन के हाथ होने की बात कही थी. हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री ने धमाकों के पीछ किसी बाहरी ताक़त का हाथ होने के सवाल पर कुछ नहीं कहा है. पाटिल का दौरा गृहमंत्री पाटिल अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों एक दल के साथ रविवार को हैदराबाद का दौरा किया. उन्होंने घटनास्थलों का दौरा करने और घायलों से मिलने के अलावा हैदराबाद सहित राज्य में सुरक्षा-व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया.
इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री रेड्डी मौजूद थे. स्थिति का जायज़ा लेने के बाद शिवराज पाटिल ने कहा है कि बम धमाकों की घटना से हम दुख पहुँचा है, लेकिन हम इनसे डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि इस तरह की घटनाएँ कम हों या उनको पूरी तरह से ख़त्म किया जा सके. गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने धमाकों के पीछे बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी बाहरी ताकतों का हाथ होने के सवाल पर कुछ नहीं कहा. उनका कहना था, " इस तरह की बातों पर खुलेआम चर्चा नहीं की जा सकती. जांच एजेंसियाँ धमाकों के लिए ज़िम्मेदार संगठनों का पता लगाएंगी." गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि धमाकों की जांच प्रक्रिया में गुप्तचर एजेंसियाँ की भूमिका का भी आकलन किया जाएगा. 'बाहरी ताकतों का हाथ' इसके पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा था कि हैदराबाद धमाकों के पीछे बांग्लादेश या पाकिस्तान के किसी संगठन का हाथ है. उन्होंने इसे 'आतंकवादी' हमला बताते हुए कहा कहा, "हमारे पास अभी तक जो सबूत मिले हैं, उससे स्पष्ट है कि हमले में बांग्लादेश या पाकिस्तान के किसी संगठन का हाथ है." यह पूछे जाने जाने पर कि क्या उनका इशारा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) की ओर है तो उन्होंने नाम लिए बिना कहा, "हाँ, हमारे पास सबूत तो इसी बात के हैं कि हमला बाहरी ताकतों ने किया है." धमाकों को नाकाम करने में राज्य पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग की विफलता के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री का कहना था, " मामला आंतरिक नहीं है. जब बाहरी ताकतें सक्रिय हो तो राज्य सरकार कुछ ज़्यादा नहीं कर सकती. ये हमारी विफलता नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है." |
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