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सरकार धमाकों से डरने वाली नहीं: पाटिल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हैदरबाद बम धमाकों के बाद स्थिति का आकलन करने पहुँचे गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि बम धमाकों की घटना से हमे दुख पहुँचा है, लेकिन हम इनसे डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि इस तरह की घटनाएँ कम हों या उनको पूरी तरह से ख़त्म किया जा सके. ग़ौरतलब है कि शनिवार को हैदराबाद में हुए बम धमाकों 42 लोग मारे गए थे. गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने धमाकों के पीछे बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी बाहरी ताकतों का हाथ होने के सवाल पर कुछ नहीं कहा. उनका कहना था, " इस तरह की बातों पर खुलेआम चर्चा नहीं की जा सकती. जांच एजेंसियाँ धमाकों के लिए ज़िम्मेदार संगठनों का पता लगाएंगी." ग़ौरतलब है कि रविवार की सुबह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने धमाकों के पीछे पाकिस्तान और बांग्लादेश के चरमपंथी संगठनों का हाथ होने की बात कही थी. जब गृहमंत्री से पूछा गया कि क्या जांच एजेंसियों ने बम धमाके जैसी घटना की संभावना व्यक्त की थी, तो उनका कहना था, " हमें थोड़ी बहुत जानकारी ज़रूर थी लेकिन यह नहीं पता था कि ये धमाके कब और कहाँ होंगे." गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे धमाके न हों इसके लिए प्रशासन को गुप्तचर एजेंसियों से मिली जानकारियों को अधिक गंभीरता से लेना होगा. गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि धमाकों की जांच प्रक्रिया में गुप्तचर एजेंसियाँ की भूमिका का भी आकलन किया जाएगा. 'बाहरी ताकतों का हाथ' इसके पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा था कि हैदराबाद धमाकों के पीछे बांग्लादेश या पाकिस्तान के किसी संगठन का हाथ है.
उन्होंने इसे 'आतंकवादी' हमला बताते हुए कहा कहा, "हमारे पास अभी तक जो सबूत मिले हैं, उससे स्पष्ट है कि हमले में बांग्लादेश या पाकिस्तान के किसी संगठन का हाथ है." यह पूछे जाने जाने पर कि क्या उनका इशारा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) की ओर है तो उन्होंने नाम लिए बिना कहा, "हाँ हमारे पास सबूत तो इसी बात के हैं कि हमला बाहरी ताकतों ने किया है." धमाकों को नाकाम करने में राज्य पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग की विफलता के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री का कहना था, " मामला आंतरिक नहीं है. जब बाहरी ताकतें सक्रिय हो तो राज्य सरकार कुछ ज़्यादा नहीं कर सकती. ये हमारी विफलता नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है." आडवाणी का आरोप उधर लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण अडवाणी ने मांग की है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार अपने पिछले तीन साल के कार्यकाल के दौरान हुई चरमपंथी घटनाओं पर बयान दे. उन्होंने यूपीए सरकार पर चरमपंथ के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में गृह मंत्री रहे चुके लालकृष्ण अडवाणी ने कहा कि पोटा क़ानून को ख़त्म करके मौजूदा सरकार ने चरमपंथ के प्रति नरम रुख़ अपनाने का संदेश दिया है. |
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