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धमाकों के पीछे बाहरी हाथ: राजशेखर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा है कि हैदराबाद धमाकों के पीछे बांग्लादेश या पाकिस्तान के किसी संगठन का हाथ है. उन्होंने इसे 'आतंकवादी' हमला बताते हुए कहा कहा, "हमारे पास अभी तक जो सबूत मिले हैं, उससे स्पष्ट है कि हमले में बांग्लादेश या पाकिस्तान के किसी संगठन का हाथ है." यह पूछे जाने जाने पर कि क्या उनका इशारा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) की ओर है तो उन्होंने आईएसआई का नाम लिए बिना कहा, "हाँ हमारे पास सबूत तो इसी बात के हैं कि हमला बाहरी ताकतों ने किया है." धमाकों को नाकाम करने में राज्य पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग की विफलता के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री का कहना था, "मामला आंतरिक नहीं है. जब बाहरी ताकतें सक्रिय हो तो राज्य सरकार कुछ ज़्यादा नहीं कर सकती. ये हमारी विफलता नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है." मुआवज़ा मुख्यमंत्री ने धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रूपए और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की. उन्होंने घायलों को 25-25 हज़ार रूपए की सहायता देने की घोषणा की और उनका इलाज़ निजी अस्पतालों में कराने का निर्देश दिया. ग़ौरतलब है कि शनिवार शाम हैदराबाद के दो जगहों पर हुए धमाकों में 42 लोग मारे गए और 60 से ज़्यादा घायल हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें आंध्र में लेक्चरर की टिप्पणी पर बवाल13 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस मक्का मस्जिद धमाके की सीबीआई जाँच 24 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'हैदराबाद धमाकों के पीछे विदेशी हाथ'20 मई, 2007 | भारत और पड़ोस पाटिल का घेराव, सीबीआई जाँच की माँग19 मई, 2007 | भारत और पड़ोस हैदराबाद में धमाका, 13 की मौत18 मई, 2007 | भारत और पड़ोस दो चरमपंथियों की गिरफ़्तारी 16 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस हैदराबाद पुलिस के ख़िलाफ़ आक्रोश26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस फीकी पड़ रही है चमक09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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