|
दस सितंबर को स्वदेश लौटूँगाः शरीफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम लीग (नवाज़) के अध्यक्ष नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शहबाज़ शरीफ़ ने घोषणा की है कि वह दस सितंबर को स्वदेश लौटेंगे. लंदन में गुरूवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि वह दस सितंबर को इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर उतरेंगे और वहाँ से वह अपने बहुमत वाले क्षेत्र यानी पंजाब जाएंगे. नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "इंशाअल्लाह दस सितंबर को हम इस्लामाबाद में क़दम रखेंगे और वहाँ से सड़क से लाहौर जाएंगे." उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इरादों को चुनौती देंगे. ध्यान रहे कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को अक्तूबर 1999 में सेनाध्यक्ष परवेज़ मुशर्रफ़ ने सत्ता से बेदखल कर दिया था. नवाज़ शरीफ़ के स्वदेश लौटने पर उनकी गिरफ़्तारी की भी संभावना जताई जा रही है. पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फ़ैसला देते हुए कहा था कि नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शहबाज़ शरीफ़ को स्वदेश आने और एक नागरिक के रूप में देश में रहने का पूरा अधिकार है. उधर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के एक प्रवक्ता ने कहा है कि उन्होंने सेनाध्यक्ष का पद छोड़ने के बारे में अभी कोई फ़ैसला नहीं किया है. पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने बुधवार को कहा था कि उनके और परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच एक ऐसा समझौता हुआ है जिसके तहत परवेज़ मुशर्रफ़ अक्तूबर में प्रस्तावित चुनावों से पहले ही सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देने के लिए राज़ी हो गए हैं. इस मुद्दे पर नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "अगर बेनज़ीर भुट्टो और परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच कोई समझौता हुआ है तो इससे पाकिस्तान में लोकतंत्र की बहाली के मामले में कोई मदद नहीं मिलेगी. इससे सिर्फ़ एक तानाशाह के हाथ मज़बूत होंगे और हम देश में तानाशाही से छुटकारा चाहते हैं." समाचार एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उनकी लोकप्रियता भी घट रहगी है, ऐसी स्थिति में परवेज़ मुशर्रफ़ ने मदद के लिए बेनज़ीर भुट्टो की तरफ़ रुख़ किया है और उनके विश्वासपात्र लंदन में बेनज़ीर भुट्टो से बातचीत कर रहे हैं. बेनज़ीर भुट्टो ज़ोर दे रही हैं कि किसी भी समझौते की शर्त होगी कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष के पद से हट जाएँ. ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में 1947 से ही सरकार पर सेना का दबदबा रहा है. राष्ट्रपति के प्रवक्ता राशिद क़ुरैशी का कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो के साथ बातचीत जारी है लेकिन अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. पर्यवेक्षकों का कहना है कि परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति पद के लिए अक्तूबर में होने वाले चुनाव में फिर से जीत हासिल करना चाहते हैं और सेनाध्यक्ष का उनका कार्यकाल भी दिसंबर 2007 में समाप्त होने वाला है. संसदीय चुनाव भी साल 2007 के अंत तक प्रस्तावित हैं. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टों दोनों पर ही भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाकर उनके देश में आने पर रोक लगा रखी है. | इससे जुड़ी ख़बरें नवाज़ शरीफ़ बेनज़ीर भुट्टो पर बरसे31 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ को वर्दी उतारनी होगीः बेनज़ीर29 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़-भुट्टो मुलाक़ात बेनतीजा ख़त्म28 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'फौजी वर्दी तो मेरी खाल का हिस्सा है'22 मई, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर का स्वदेश वापसी का इरादा28 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर-नवाज़ भी इफ़्तिख़ार के समर्थन में22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस भुट्टो-ज़रदारी को 'रैड नोटिस'26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||