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बेनज़ीर का स्वदेश वापसी का इरादा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निर्वासित जीवन बिता रहीं पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने एक बार फिर कहा है कि वह साल 2007 के आख़िर तक स्वदेश लौटने का इरादा रखती हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभालने की भी उम्मीद ज़ाहिर की है. ब्रिटेन के एक अख़बार द टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ चाहें या ना चाहें, लेकिन वह स्वदेश ज़रूर लौटेंगी. यह इंटरव्यू उन्होंने दुबई में अपने घर से दिया बताया गया है. 53 वर्षीय बेनज़ीर भुट्टो ने कहा, "मैं इस साल के आख़िर तक पाकिस्तान लौटने का इरादा रखती हूँ, चाहे मिस्टर मुशर्रफ़ को यह पसंद आए या नहीं." हाल के समय में इस तरह की अटकलाबाज़ी ज़ोरों पर रही है कि पाकिस्तान सरकार के कुछ मंत्रियों और बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बीच कुछ बातचीत होती रही है जिसमें भुट्टो की वापसी के बारे में कुछ गुप्त समझौता हुआ है. ऐसा भी कहा गया है कि इस गुप्त समझौते के तहत शायद मुशर्रफ़ सरकार इसके लिए राज़ी हो गई है कि बेनज़ीर भुट्टो स्वदेश लौट आएंगी और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगाए जाएंगे. टाइम्स अख़बार ने लिखा है कि पाकिस्तान से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि परवेज़ मुशर्रफ़ बेनज़ीर भुट्टो को स्वदेश लौटने और चुनावों में हिस्सा लेने की इजाज़त देने के लिए तैयार हैं. बेनज़ीर भुट्टो ने हालाँकि यह पुष्टि की कि परवेज़ मुशर्रफ़ की सरकार के साथ उनका संपर्क है और वह परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ काम करने के बारे में सोच सकती हैं बशर्ते कि वे देश में लोकतंत्र बहाल करें और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराएँ जिनकी निगरानी विदेशी पर्यवेक्षक करें. पाकिस्तान में इस साल के आख़िर में या वर्ष 2008 के शुरू में चुनाव होने हैं. अभी तक तो बेनज़ीर भुट्टो और परवेज़ मुशर्रफ़ घोर राजनीतिक विरोधी रहे हैं. बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है, "अगर लोग मेरी पार्टी को वोट देते हैं और संसद में मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए चुनती है तो मेरे लिए उस ज़िम्मेदारी को संभालना सम्मान की बात होगी. जनरल मुशर्रफ़ राष्ट्रपति के रूप में मौजूद रहेंगे. इसलिए मेरे और उनके बीच अच्छे राजनीतिक संबंध बहुत ज़रूरी होंगे." ग़ौरतलब है कि बेनज़ीर भुट्टो 1999 से विदेश में निर्वासित जीवन जी रही हैं. यही वो साल था जब जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने नवाज़ शरीफ़ सरकार का तख़्ता पलट कर सत्ता पर अपना क़ब्ज़ा कर लिया था. बेनज़ीर भुट्टो पाकिस्तान में अब ख़ासी लोकप्रिय हैं हालाँकि उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. अब भुट्टो ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के सभी आरोप वापिस लिए जाएँ. | इससे जुड़ी ख़बरें बेनज़ीर की वापसी पर संशय बरक़रार17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर-नवाज़ भी इफ़्तिख़ार के समर्थन में22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पीपीपी के छह समर्थकों की हत्या09 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सेना के साथ टकराव तय-नवाज़20 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मुशर्रफ़ 31 जुलाई तक सत्ता छोड़ दें'02 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर और नवाज़ साझा मोर्चे पर सहमत14 मई, 2006 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर और नवाज़ ने हाथ मिलाया25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'अदालत बुलाए तो जाने के लिए तैयार हूँ'27 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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