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बेनज़ीर की वापसी पर संशय बरक़रार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में मंत्रियों ने इस बारे में विरोधाभासी बयान दिए हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो निर्वासन छोड़कर स्वदेश लौट रहीं हैं या नहीं. मीडिया में इस बात को लेकर अटकलें लगाईं जा रही हैं बेनज़ीर भुट्टो की पार्टी का मुशर्रफ़ शासन से कोई समझौता हो गया है. बेनज़ीर भुट्टो 1998 में पाकिस्तान से चली गईं थीं. उस समय उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप में कई मामले चल रहे थे और उनके पति आसिफ़ अली ज़रदारी भी जेल में थे. अगर कोई समझौता होता है तो इसका मतलब होगा कि बेनज़ीर बिना किसी मुक़दमे का सामना किए वापस आ सकती हैं. बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी( पीपीपी) ने स्वीकार किया है कि सरकारी प्रतिनिधियों के साथ गुप्त बातचीत हुई है लेकिन इस बात से इनकार किया है कि समझौता होने वाला है. 'अंतिम दौर' पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने विभिन्न टेलीविज़न कार्यक्रमों पर बार-बार कहा है कि सरकार और पीपीपी के बीच बातचीत अंतिम चरण में है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि दोनों पक्षों को एक दूसरे की ज़रूरत है- दोबारा चुने जाने और साथ ही सेना अध्यक्ष बने रहने के लिए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को राजनीतिक समर्थन की ज़रूरत है. जबकि बेनज़ीर के लिए ज़रूरी है कि वे भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी हो सकें ताकि इस साल चुनाव से पहले देश लौट पाएँ. लेकिन सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी का कहना है कि शेख रशीद अपनी निजी राय व्यक्त कर रहे हैं. मोहम्मद अली दुर्रानी ने सरकारी टेलीवीज़न पर कहा," पीपीपी अतीत का अंधकार है और अँधेरे से समझौता नहीं होता." विदेशों में बेनज़ीर भुटटो की संपत्ति की जाँच कर रहे विशेष सेल को पाँच अप्रैल को पाकिस्तानी सरकार ने बंद कर दिया था. उसी के बाद ये अटकलें लगाईं जा रही हैं कि सरकार के साथ कोई समझौता हुआ है. लेकिन एक पाकिस्तानी टीवी चैनल पर बेनज़ीर भुट्टो ने इस बात से इनकार किया कि उनके ख़िलाफ़ किसी लंबित मामले को वापस लिया गया है. उन्होंने कहा है कि पीपीपी ऐसे राष्ट्रपति को स्वीकार नहीं करेगी जो सेनाध्यक्ष भी है. धार्मिक दलों के गठबंधन एमएमए समेत कई विपक्षी दलों ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की इस बात के लिए आलोचना की है कि वो सरकार के विरोध में उनका साथ नहीं दे रही. | इससे जुड़ी ख़बरें बेनज़ीर-नवाज़ भी इफ़्तिख़ार के समर्थन में22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'कट्टरवाद के खिलाफ़ कड़े क़दम उठाएँ'20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर और नवाज़ साझा मोर्चे पर सहमत14 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'अदालत बुलाए तो जाने के लिए तैयार हूँ'27 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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