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'आतंक के ख़िलाफ लड़ाई दिशाहीन' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राजनेता और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान खान ने कहा है कि पाकिस्तान में आतंकवाद के ख़िलाफ लड़ाई दिशाहीन और इसके कारण राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ अमरीका के हाथों की कठपुतली प्रतीत हो रहे हैं. ब्रितानी अख़बार डेली टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में इमरान ने कहा कि बंटवारे के बाद जिस तरह से पाकिस्तान अमरीका की मदद पर आश्रित रहा वो देश में मुजाहिदीन चरमपंथ के पनपने का बड़ा कारण रहा है जिससे आज भी पाकिस्तान जूझ रहा है. उनका कहना था कि जिन परिस्थितियों में पाकिस्तान बना उसने पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा और स्थायित्व को लेकर अत्यधिक चिंतित रखा. भारत और पाकिस्तान की आज़ादी के 60 वर्ष होने अवसर पर इमरान खान का कहना था कि वो चाहते हैं कि पाकिस्तान में जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की तानाशाही जल्द से जल्द ख़त्म हो. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है. जहां एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो ने भी मुशर्रफ़ के ख़िलाफ बयानबाज़ी जारी रखी है वहीं पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निलंबन को लेकर पूरे देश में ज़बर्दस्त आंदोलन हुआ जिसके बाद निलंबन का फैसला वापल ले लिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें नवाज़ शरीफ़ बेनज़ीर भुट्टो पर बरसे31 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ को वर्दी उतारनी होगीः बेनज़ीर29 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़-भुट्टो मुलाक़ात बेनतीजा ख़त्म28 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'फौजी वर्दी तो मेरी खाल का हिस्सा है'22 मई, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर का स्वदेश वापसी का इरादा28 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर-नवाज़ भी इफ़्तिख़ार के समर्थन में22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस भुट्टो-ज़रदारी को 'रैड नोटिस'26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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