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खम्मम में गोलीबारी की न्यायिक जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश सरकार ने खम्मम ज़िले में बंद के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी के न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं. शनिवार को हुई इस गोलीबारी में वामपंथी दलों के आठ कार्यकर्ता मारे गए थे और छह घायल हुए थे. घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई गई है. ग़रीबों और भूमिहीनों को ज़मीन देने की माँग को लेकर वामपंथी दलों के राज्यव्यापी बंद के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस की बीच झड़पें शुरु हुईं और बाद में पुलिस ने फ़ायरिंग की. वामपंथी दलों ने इस घटना की निंदा की है. गोलीबारी को अमानवीय करार देते हुए सीपीआई और सीपीएम ने रविवार को खम्मम में फिर से बंद का आह्वान किया है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने आँध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाय राजशेखर रेड्डी से घटना की पूरी रिपोर्ट भेजने को कहा है. सोनिया गाँधी ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है. जाँच मुख्यमंत्री राजशेखऱ रेड्डी ने पुलिस फ़ायरिंग की न्यायिक जाँच की घोषणा की है. इसके अलावा उन्होंने खम्मम के पुलिस अधीक्षक आरके मीणा का तबादला भी कर दिया है. उन्होंने कहा है कि जाँच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वो कौन सी परिस्थितियाँ थीं जिसके कारण पुलिस को फ़ायरिंग करनी पड़ी. हालांकि उन्होंने इसके लिए पुलिस को दोषी ठहराने से इनकार करते हुए कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करुँगा कि इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है. पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा." उन्होंने जाँच की घोषणा के लिए बुलाई गई पत्रवार्ता में वामपंथी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "भू आबंटन के मामले को लेकर वामपंथी दलों के आंदोलन को उचित नहीं कहा जा सकता क्योंकि सरकार ने ख़ुद ही भूमिहीन ग़रीबों को घर और घर बनाने के लिए ज़मीन देने की व्यापक योजना चला रखी है." उन्होंने वामपंथी दलों से अपना आंदोलन ख़त्म करने का भी अनुरोध किया है. आठ की मौत बंद का आह्वान भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की तरफ से किया गया था. राज्य के गृह मंत्री के जना रेड्डी ने हैदराबाद में कहा कि मुदिगोंडा गाँव में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया जिससे एक क्षेत्राधिकारी और सिपाही घायल हो गए. इस घटना के बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई. मरने वालों एक महिला और घायलों में एक बच्चा भी शामिल है. दोपहर तक खम्मम में बंद शांतिपूर्ण तरीक़े से चल रहा था लेकिन पुलिस जब मुदिगोंडा में प्रदर्शनकारियों के टेंट के पास पहुँची तो हालात बिगड़ गए. मामला हैदराबाद और राज्य के दूसरे इलाक़ों में सीपीआई और सीपीएम कार्यकर्ताओं पर शुक्रवार को हुए लाठी चार्ज़ के बाद वामपंथी दलों की ओर से बंद का आह्वान किया गया था. इस राज्यव्यापी बंद को तेलुगूदेशम पार्टी और भाजपा का भी समर्थन मिला था. वामपंथी दलों के कार्यकर्ता राज्य के भूमिहीन ग़रीब लोगों को घर के लिए ज़मीन देने की मांग कर रहे थे. राज्य में बंद का व्यापक असर था. आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में सभी दुकानें, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. राज्य के दूसरे हिस्सों में वामपंथी कार्यकर्ताओं ने रेलगाड़ियाँ रोक दीं थीं. राज्य की विपक्षी पार्टियों ने बंद के दौरान हुई गोलीबारी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. मुख्य विपक्षी दल तेलगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने गोलीबारी की निंदा करत हुए कहा, "राज्य सरकार निर्दोष लोगों की हत्या के लिए ज़िम्मेदार है." | इससे जुड़ी ख़बरें बंद के दौरान पुलिस गोलीबारी, आठ मरे28 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों के बंद का झारखंड में असर26 जून, 2007 | भारत और पड़ोस रुश्दी के सम्मान का विरोध, कश्मीर बंद22 जून, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में बंद के दौरान हिंसा16 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में सौ से ज़्यादा लापता17 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में हिंसा, दो लोग मारे गए29 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राजस्थान: मंत्रियों की समिति गठित30 मई, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में फिर से भड़की हिंसा15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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