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पश्चिम बंगाल में बंद के दौरान हिंसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नंदीग्राम की घटना के विरोध में घोषित बंद के दौरान पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और विपक्षी पार्टी के समर्थकों के बीच झड़पे हुई हैं. इनमें लगभग 100 लोग घायल हुए हैं. राज्य के गृह सचिव प्रसाद रंजन रॉय ने स्वीकार किया कि बंद के दौरान हुई हिंसा में सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है. विपक्षी दलों के समर्थकों ने कम से कम 10 सरकारी बसों में आग लगा दी. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छह सरकारी अधिकारियों पर हमला किया गया. इस बीच केंद्रीय जाँच एजेंसी यानी सीबीआई की विशेष टीम नंदीग्राम में पुलिस फ़ायरिंग की घटना की जाँच के लिए पहुँच गई है. ग़ौरतलब है कि 14 मार्च को नंदीग्राम में इंडोनेशियाई औद्योगिक घराने सलीम समूह के प्रस्तावित रासायनिक कारखानों के लिए भू-अधिग्रहण का विरोध कर रहे लोगों पर हुई पुलिस फ़ायरिंग में 14 लोग मारे गए थे. जनजीवन प्रभावित बंद समर्थकों ने कोलकाता में देसी बम से बसों में आग लगा दी. पुलिस का कहना है कि उसने सड़क और रेल मार्ग जाम कर रहे 200 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया है. कोलकाता में निजी बसें नहीं चल रही हैं और सड़कों पर केवल कुछ सरकारी बसें ही दिख रही हैं. राज्य में रेल सेवा भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है.
कोलकाता एयरपोर्ट से विमान सामान्य रूप से आ-जा रहे हैं लेकिन सुबह की हिंसा के बाद टैक्सी और बसें न चलने से लोगों को हवाई अड्डे पहुँचने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बंद के कारण राज्य में स्कूल, कॉलेज और बाज़ार पूरी तरह से बंद हैं. कार्यालयों में भी लोगों की उपस्थिति काफ़ी कम देखी जा रही है. राज्य के ताज़ा हालात को देखते हुए पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं को पहले ही टाल दिया है और अब यह मध्य अप्रैल में होगीं. मुख्यमंत्री घिरे तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों इसकी निंदा करते हुए शुक्रवार को बंगाल बंद का आहवान किया है. इससे पहले गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में नंदीग्राम गांव में बुधवार को हुई पुलिस गोलीबारी के विरोध में जमकर हंगामा हुआ था. दूसरी ओर कलकत्ता हाईकोर्ट ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी सीबीआई से जाँच कराने का निर्देश दिया है. पुलिस कार्रवाई का आदेश देने वाले राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य न सिर्फ़ विरोधियों के निशाने पर हैं बल्कि वाम मोर्चा के सहयोगी दलों ने भी इसकी कड़ी निंदा की है. तृणमण कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के इस्तीफ़े की माँग की है. वहीं गुरुवार को वाम दलों की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने भी नंदीग्राम की स्थिति से ठीक से न निपटने के लिए बुद्धदेव की खिंचाई की. विवाद पूर्वी मिदनापुर ज़िले के नंदीग्राम के लोग पिछले कुछ समय से खेती की ज़मीन लेकर रसायन संयंत्र लगाने का विरोध कर रहे थे और इसी को लेकर वहाँ पिछले कुछ दिनों से तनाव था.
दरअसल, नंदीग्राम में प्रस्तावित रासायनिक इकाइयों के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है. यहाँ लोगों की ज़मीन पर ये इकाइयाँ लगाई जानी थीं जिनका स्थानीय लोगों ने विरोध किया. राज्य सरकार भी इस बारे में अपने फैसले को टालने की बात कह चुकी है पर लोगों के मन में सरकार की बातों की विश्वसनीयता शायद कम ही है. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से तो घोषणा कर दी थी कि वो इस योजना को वापस ले रहे हैं पर इस बारे में जारी की गई अधिसूचना को अभी तक आधिकारिक रूप से वापस नहीं लिया गया है. बुधवार को गोलीबारी की यह घटना तब हुई जब स्थानीय लोग इस क्षेत्र में सरकार और पुलिस के प्रवेश का विरोध कर रहे थे. राज्य सरकार की ओर से वहाँ 5000 पुलिसकर्मी मौजूद थे. | इससे जुड़ी ख़बरें नंदीग्राम में गोलीबारी पर संसद में हंगामा15 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पुलिस की गोली से 10 से अधिक मरे14 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में पुलिसबल भेजने की योजना12 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस सिंगूर के निकट पत्रकारों की पिटाई10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों का बंद08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल बंद के दौरान हिंसा08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में ज़मीन अधिग्रहण पर हिंसा07 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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