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नंदीग्राम में गोलीबारी पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम गांव में बुधवार को हुई पुलिस गोलीबारी के विरोध में संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष सहित कई राजनीतिक दलों ने इसकी भर्त्सना की और कड़ा अपना विरोध दर्ज कराया. विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. दूसरी कोलकाता हाईकोर्ट ने इस घटना की सीबीआई से जाँच का निर्देश दिया है. तृणमण कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के इस्तीफ़े की माँग की है. बुधवार को नंदीग्राम में हुई गोलीबारी में 12 लोग मारे गए थे और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे. पूर्वी मिदनापुर ज़िले के नंदीग्राम के लोग पिछले कुछ समय से खेती की ज़मीन लेकर रसायन संयंत्र लगाने का विरोध कर रहे थे और इसी को लेकर वहाँ पिछले कुछ दिनों से तनाव था. पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने 16 मार्च को राज्यव्यापी बंद का अलग-अलग आह्वान किया है. राजनीति गरमाई नंदीग्राम के इस ताज़ा घटनाक्रम पर राज्य और केंद्रीय स्तर पर राजनीति भी तेज़ होती दिखाई दे रही है. प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस मसले पर बातचीत के लिए राष्ट्रपति से समय माँगा है. उन्होंने कहा, " नंदीग्राम के जनसंहार को लेकर हम गंभीर हैं. दोनों सदनों में इस पर एक निंदा प्रस्ताव पारित होना चाहिए और केंद्र सरकार को चाहिए कि इस मसले पर धारा 355 के अंतर्गत राज्य सरकार को निर्देश जारी करे और एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल वहां पर भेजा जाए." उधर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि इस मसले पर राज्य सरकार ने फिलहाल स्थिति को संभाल रखा है फिर भी अगर राज्य सरकार केंद्र से मदद मांगती है तो उसपर विचार किया जाएगा. पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी वाम गठबंधन के घटकदलों में भी इस मामले पर मतभेद उभर आए हैं. आरएसपी और फ़ॉर्वर्ड ब्लॉक ने भी इस घटना की निंदा करते हुए विरोध जताया है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे 'शर्मनाक' बताया है. उधर राज्य के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा कि नंदीग्राम में पुलिस की गोलीबारी को टाला जा सकता था. उन्होंने कहा कि इस बात की जाँच की जानी चाहिए कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया था. विवाद दरअसल, नंदीग्राम में प्रस्तावित रासायनिक इकाइयों के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है. यहाँ लोगों की ज़मीन पर ये इकाइयाँ लगाई जानी थीं जिनका स्थानीय लोगों ने विरोध किया. राज्य सरकार भी इस बारे में अपने फैसले को टालने की बात कह चुकी है पर लोगों के मन में सरकार की बातों की विश्वसनीयता शायद कम ही है. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से तो घोषणा कर दी थी कि वो इस योजना को वापस ले रहे हैं पर इस बारे में जारी की गई अधिसूचना को अभी तक आधिकारिक रूप से वापस नहीं लिया गया है. बुधवार को गोलीबारी की यह घटना तब हुई जब स्थानीय लोग इस क्षेत्र में सरकार और पुलिस के प्रवेश का विरोध कर रहे थे. राज्य सरकार की ओर से वहाँ 5000 पुलिसकर्मी मौजूद थे. | इससे जुड़ी ख़बरें पुलिस की गोली से 10 से अधिक मरे14 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में पुलिसबल भेजने की योजना12 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस सिंगूर के निकट पत्रकारों की पिटाई10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों का बंद08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल बंद के दौरान हिंसा08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में ज़मीन अधिग्रहण पर हिंसा07 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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