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उत्तर भारत में भूकंप के हल्के झटके | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर भारत में सोमवार की सुबह लगभग साढ़े चार बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. भूकंप के ये झटके दिल्ली के अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़ और चमोली क्षेत्रों में महसूस किए गए. मौसम विभाग का कहना है कि इसका केंद्र उत्तराखंड का गौमुख क्षेत्र था. भूकंप के इन झटकों से जानमाल के नुक़सान की कोई ख़बर नहीं है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उत्तरकाशी में भूकंप के कारण कुछ मकानों में दरारें पड़ने की सूचना मिली है. मौसम विभाग का कहना है कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 आँकी गई है. ग़ौरतलब है कि इस क्षेत्र में 1991 में बड़ा भूकंप आया था जिसमें 700 से अधिक लोगों की जानें गईं थीं. इस दौरान उत्तरकाशी इलाक़ा सबसे अधिक प्रभावित हुआ था. वैज्ञानिकों का मानना है कि भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप का ख़तरा बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत और तिब्बत एक दूसरे की तरफ़ प्रति वर्ष दो सेंटीमीटर की गति से सरक रहे हैं. इस प्रक्रिया से हिमालय क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है. यही वजह है कि पिछले 200 वर्षों में हिमालय क्षेत्र में कई बड़े भूकंप आ चुके हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दबाव को कम करने का प्रकृति के पास सिर्फ़ एक ही तरीक़ा है और वह है भूकंप. | इससे जुड़ी ख़बरें 'तकनीक तो है लेकिन प्रयोग नहीं'09 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस भूकंप की बरसी पर मदद का इंतज़ार08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस गुजरात भूकंप: फिर रफ़्तार पकड़ती ज़िंदगी26 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस झारखंड में भूकंप की ख़बर से अफ़रातफ़री21 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस भूकंप के साल भर बाद भी मदद का इंतज़ार08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत में नौ हज़ार से अधिक मौतें01 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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