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गुजरात भूकंप: फिर रफ़्तार पकड़ती ज़िंदगी
भारत के गुजरात राज्य के पश्चिमी कच्छ और भुज क्षेत्र में आए भूकंप को तीन साल बीत चुके हैं और अब इन इलाक़ों में ज़िंदगी फिर रफ़्तार पकड़ने लगी है. लोग अब उस तबाही से उबरते नज़र आ रहे हैं. 26 जनवरी, 2001 को आए इस भूंकप के कारण 12 हज़ार लोग मारे गए थे और लगभग एक लाख लोग बेघर हो गए थे. साथ ही लगभग 15 हज़ार करोड़ की संपत्ति का नुक़सान हुआ था. कच्छ मित्र के संपादक कीर्ति खत्री का कहना है कि वैसे तो पुनर्वास का ज़्यादातर काम पूरा हो गया है लेकिन मुख्य रूप से प्रभावित भुज, अंजार और बछाऊ में योजना संबंधी परेशानियाँ पेश आ रही हैं. उनका कहना है कि इसके कारण अब भी अनेक परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गुजरात सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग में अधिकारी निधि प्रभा तिवारी का कहना है कि योजना संबंधी कुछ शिकायतें हैं और उन्हें दूर किए जाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना था कि एक बात अच्छी ये रही कि सरकार, स्वैच्छिक संगठनों और लोगों ने मिलकर बेहतर कार्य किया है. |
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