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अमरीका के बयान से पाकिस्तान नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने अमरीकी अधिकारियों के उस बयान पर नाराज़गी व्यक्त की है, जिसमें कहा गया है कि ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान में सैनिक भेजे जा सकते हैं. अमरीका में नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक माइक मैकोनेल मानते हैं कि न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में हुए आत्मघाती हमलों की साज़िश रचने वाले ओसामा बिन लादेन अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे उत्तरी पाकिस्तान में हैं. जबकि अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के सुरक्षा सलाहकार फ़्रांसिस टाउनसेंड का कहना है कि ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के लिए सभी विकल्प खुले हैं. लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद कसूरी का कहना है कि लादेन पाकिस्तान में नहीं है और अगर अमरीका ने इस मामले में ख़ुफ़िया जानकारी दी, तो पाकिस्तानी सेना बेहतर काम कर सकती है. पिछले सप्ताह आई एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया था कि अल क़ायदा पाकिस्तान में एक बार फिर एकजुट हो रहा है और अमरीका पर नए हमले कर सकता है. मैकोनेल का कहना है कि पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान सरकार और क़बायली नेताओं के बीच हुए समझौते के बाद अल क़ायदा को एक बार फिर एकजुट होने का मौक़ा मिल गया. उन्होंने कहा, "अल क़ायदा को बाहर निकालने की बजाए क़बायली इलाक़ों के लोगों ने इनके एकजुट होने और प्रशिक्षण को आसान बना दिया. इस दौरान अल क़ायदा को अपनी शक्ति हासिल करने में भी मदद मिली." आपत्ति लेकिन अमरीका के दो शीर्ष अधिकारियों की ओर से आए इस बयान को लेकर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है.
पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री आफ़ताब शेरपाओ ने कहा, "हमारा रुख़ स्पष्ट है. ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में नहीं हैं. अगर किसी को उनके बारे में सूचना है, तो वे हमें दे. ताकि हम उन्हें पकड़ सकें." पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल वहीद अरशद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना अपनी ज़मीन पर चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है और उसे ही ऐसा करने का अधिकार भी है. दूसरी ओर विदेश मंत्री ख़ुर्शीद कसूरी का कहना है कि ख़ुफ़िया आकलन की बजाए अमरीका को पाकिस्तान में अल क़ायदा की उपस्थिति का ठोस प्रमाण देना चाहिए. ओसामा बिन लादेन और अल क़ायदा के बारे में कड़ी टिप्पणी करने वाले दोनों अमरीकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रति अमरीका का समर्थन व्यक्त किया. शनिवार को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में कहा था कि पाकिस्तान को चरमपंथ से मुक्त कराने में अमरीका राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की कोशिशों का समर्थन करता है. मैकोनेल ने कहा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष' में अमरीका के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी हैं. |
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