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अफ़ग़ानिस्तान ने किया बयान का स्वागत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान ने अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख जॉन नेग्रोपॉन्टे के इस बयान का स्वागत किया है कि अल क़ायदा का 'मुख्यालय' पाकिस्तान में हैं. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ जावेद लोदिन ने कहा है उनका देश शुरू से ही यह बात कहता रहा है, "नेग्रोपॉन्टे की ने यह बात ईमानदारी से मान ली है जो अमरीका को पहले ही मान लेनी चाहिए थी." उन्होंने कहा कि अमरीका ने यह मान लिया है कि पाकिस्तान में अल क़ायदा के बड़े ठिकाने हैं इसके बाद से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा की स्थापना की दिशा में क़दम बढ़ाए जा सकते हैं.
जावेद लोदिन ने कहा कि पिछले वर्ष पाकिस्तान ने सीमा के दोनों ओर के कबायली सरदारों के साथ जो समझौता किया है उसकी वजह से तालेबान का काम आसान हो गया है. इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री आफ़ताब अहमद शेरपाओ ने जॉन नेग्रोपॉन्टे के बयान को ग़लत ठहराया है. शेरपाओ ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि "अल क़ायदा की कमर तोड़ने के लिए पाकिस्तान ने जितना कुछ किया है किसी और देश ने नहीं किया है." पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तस्नीम असलम ने कहा, "पाकिस्तान अल क़ायदा को ठिकाना नहीं मुहैया करा रहा है बल्कि वह ऐसा अकेला देश है जिसने अल क़ायदा को तबाह करने में अहम भूमिका निभाई है." पाकिस्तान लगातार इन आरोपों का खंडन करता रहा है जबकि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुलकर कहते रहे हैं कि उनका पड़ोसी देश आतंकवाद को रोकने के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठा रहा है. अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार चलता रहा है लेकिन अब अमरीकी के बयान से उसमें एक नया मोड़ आ गया है. अमरीकी बयान इससे पहले अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख जॉन नेग्रोपॉंटे ने एक बयान में कहा था कि चरमपंथी संगठन अल क़ायदा के बड़े ठिकाने पाकिस्तान की सीमा के भीतर से चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित सुरक्षित ठिकानों से ही अल क़ायदा मध्य पूर्व, यूरोप और उत्तरी अफ़्रीका में अपने संगठन को मजबूती देने के प्रयास में लगा है. अमरीकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट की एक कमेटी के समक्ष नेग्रोपॉंटे ने पहली बार यह खुलासा किया है कि पाकिस्तान में छिपे हुए अल क़ायदा के नेता अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को फैलाने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि चरमपंथी संगठनों में अल क़ायदा अमरीका के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है. | इससे जुड़ी ख़बरें कौन हैं अल क़ायदा के सूत्रधार?पहला पन्ना इराक़ में अल क़ायदा का नंबर दो पकड़ा गयापहला पन्ना स्पेन के सैनिक जल्दी वापस होंगे18 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना नजफ़ में नए संघर्ष की चेतावनी18 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना स्पेन के नए प्रधानमंत्री ने शपथ ली17 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना इराक़ की कमान नैटो संभाले: कैरी17 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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