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यह सिद्धांतों की जीत है: प्रतिभा पाटिल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
देश की राष्ट्रपति चुने जाने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और वाम मोर्चे की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल ने कहा कि उनकी जीत सिद्घांतों की जीत है. वो 25 जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. प्रतिभा ने दिल्ली के साउथ एवेन्यू स्थित अपने आवास पर कहा कि यह भारत की जनता और उन सिद्घांतों की जीत है जिनमें जनता का विश्वास है. प्रतिभा पाटिल ने इस जीत के लिए मतदाताओं को धन्यवाद दिया. नतीजे आने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रतिभा पाटिल को उनके निवास पर जाकर बधाई दी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रतिभा पाटिल को मिले मतों को विभाजनकारी राजनीति के ख़िलाफ़ जनादेश की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि पाटिल की जीत उन लोगों की जीत है जो समाज के सभी लोगों को जोड़ना चाहते हैं. मनमोहन सिंह का कहना था कि इस जीत से देश की धर्मनिरपेक्षता की नींव और मजबूत होगी. सोनिया गांधी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह महिलाओं की जीत है और आजादी के 60 साल बाद पहली महिला देश की राष्ट्रपति बनी है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के एबी वर्धन ने प्रतिभा पाटिल की जीत को ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा, "ये ऐतिहासिक मौक़ा है. आज़ादी के 60 साल बाद हमें पहली महिला राष्ट्रपति मिली है." प्रतिभा की जीत निर्दलीय उम्मीदवार भैरों सिंह शेखावत ने अपनी हार स्वीकार करने के बाद उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया. जीत के बाद भैंरों सिंह शेखावत खुद प्रतिभा पाटिल को बधाई देने गए. ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिभा पाटिल ने भैरोंसिंह शेखावत को तीन लाख से ज़्यादा मतों से हराया.
प्रतिभा पाटिल को 6,38, 116 मूल्य के मत मिले, जबकि भैरोंसिंह शेखावत 3,31,306 मत मिले. इस तरह वे भारत की 13वीं राष्ट्रपति चुन ली गई हैं. प्रतिभा पाटिल के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आक्रामक प्रचार अभियान और अंतरात्मा की अपील भी काम नहीं आई. अंतरात्मा की अपील के बावजूद क्रास वोटिंग बहुत कम हुई और जो हुई भी उसका ज्यादा फ़ायदा यूपीए प्रत्याशी प्रतिभा पाटिल को मिला. प्रतिभा पाटिल को सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन, वामपंथी दलों और बहुजन समाज पार्टी का समर्थन हासिल था. दूसरी ओर मौजूदा उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत निर्दलीय उम्मीदवार के रूप चुनाव में खड़े हुए थे. उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का समर्थन हासिल था. |
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