BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 01 जुलाई, 2007 को 20:40 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
प्रतिभा ने आरोपों को निराधार बताया
प्रतिभा पाटिल, मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी के साथ
प्रतिभा पाटिल की उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही विवाद उनके साथ चल रहे हैं
यूपीए-वामदलों की ओर से राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी प्रतिभा पाटिल ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें दुर्भावनापूर्ण, ग़लत और तथ्यहीन बताया.

प्रतिभा पाटिल रविवार को चेन्नई गई हुई थीं जहाँ उन्होंने कांग्रेस और डीएमके के विधायकों, सांसदों को संबोधित करते हुए यह बात कही.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान उनके ख़िलाफ़ जो भी कहा या लिखा जाता रहा है वो पूरी तरह से बेबुनियाद है और दुर्भावनापूर्ण है.

प्रतिभा पाटिल रविवार को चेन्नई में महिलाओं की एक रैली को संबोधित करने पहुँची. उनका चेन्नई कार्यक्रम राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार की शुरुआत माना जा रहा है.

चेन्नई से पत्रकार मयंक शुक्ल ने बीबीसी को बताया कि हालांकि प्रतिभा पाटिल ने रैली में कुछ विशेष बात नहीं कही पर रैली के बाद एक स्थानीय होटल में कांग्रेस और समर्थक राजनीतिक दलों के विधायकों और सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने ख़ुद पर लगे आरोपों का खंडन किया.

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने उनके इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, "जो व्यक्ति राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार होते हुए ऐसी बात करे तो वह हमारे लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हम ऐसा आरबीआई और हाईकोर्ट के तथ्यों के आधार पर कह रहे हैं. इन तथ्यों को दरकिनार कर अगर कोई इन्हें ग़लत बता रहा है तो इसपर क्या टिप्पणी की जा सकती है."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अगर देश के राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा उम्मीदवार दिया है तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत चिंता की बात है.

आरोप

इस बार उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कथित तौर पर कहा कि वे मृत आध्यात्मिक गुरु की आत्मा से बात कर चुकी हैं.

 जो व्यक्ति राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार होते हुए ऐसी बात करे तो वह हमारे लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हम ऐसा आरबीआई और हाईकोर्ट के तथ्यों के आधार पर कह रहे हैं. इन तथ्यों को दरकिनार कर अगर कोई इन्हें ग़लत बता रहा है तो इसपर क्या टिप्पणी की जा सकती है.
रविशंकर प्रसाद, प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी

इससे पहले पर्दाप्रथा पर अपने बयानों से लेकर बैंक के कर्ज़ और हत्या के मामले में कथित रुप से भाई को बचाने जैसे कई विवाद उनकी उम्मीदवारी घोषित होने के बाद सामने आ चुके हैं.

उन्होंने कह दिया था कि मुगलों के कारण राजस्थान की हिंदू महिलाओं ने पर्दा करना शुरु किया और अब इसे ख़त्म कर दिया जाना चाहिए.

इस बयान के बाद इतिहासकारों ने प्रतिभा पाटिल को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि उनका इतिहासबोध ठीक नहीं है.

फिर मीडिया में ख़बरें आईं कि उन्होंने महाराष्ट्र में एक बैंक से शक्कर का एक कारखाने के लिए करोड़ों (17 करोड़ से अधिक) का कर्ज़ लिया था और उसे चुकाया नहीं है.

एक हत्या के विवाद में भी उनका नाम लिया गया जिसमें कथित रुप से उनके भाई पर आरोप हैं. कहा गया था कि प्रतिभा पाटिल ने अपने भाई को बचाने का प्रयास किया था.

एक विवाद प्रतिभा पाटिल के पति देवीसिंह शेखावत से जुड़ा हुआ है. उन पर कथित रुप से एक व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप है. वह व्यक्ति उसी स्कूल में शिक्षक था जिससे देवीसिंह शेखावत जुड़े हुए थे.

इस मामले को ख़त्म करने के लिए शेखावत ने हाईकोर्ट में याचिका लगा रखी है.

इससे जुड़ी ख़बरें
'शेखावत का कोई मुक़ाबला नहीं'
19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>