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प्रतिभा की ससुराल में जश्न का माहौल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति पद के लिए राजस्थान की राज्यपाल प्रतिभा पाटिल के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) का प्रत्याशी बनने के बाद सीकर ज़िले के छोटी लोसल में जश्न का माहौल है. दरअसल, छोटी लोसल प्रतिभा पाटिल का ससुराल है और बहू का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित होने के बाद यहाँ खुशी की लहर दौड़ गई है. हालांकि इस क्षेत्र के लोग अब कुछ दुविधा में भी हैं क्योंकि राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल पाटिल के प्रबल प्रतिद्वंद्वी भैरों सिंह शेखावत का गाँव खाचरियावास भी इसी इलाके में स्थित है. सीकर के लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि वे अपने धरती पुत्र भैरों सिंह शेखावत की कामयाबी की कामना करें या फिर बहू पाटिल की जीत की दुआ. जीत शेखावाटी की शेखावाटी के चितरंजन सिंह कहते हैं, "इस सर्वोच्च पद के दोनों दावेदार शेखावत हैं." सीकर के बुध सिंह ने कहा, "भैरों सिंह शेखावत हमारे हीरो हैं. वे सभी के आदरणीय हैं." लेकिन सीकर ज़िला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर छोटी लोसल में गुरुवार रात से ही जश्न का माहौल है. अब तक उपेक्षित और अनजान से छोटी लोसल में शुक्रवार को पटाखे छोड़े गए और बहू प्रतिभा पाटिल की उम्मीदवारी की जश्न मनाया गया. गाँव की सरपंच भी महिला हैं और नाम है प्रेम कंवर. वे कहती हैं, "प्रतिभा जी राष्ट्रपति चुनीं गईं तो घर-घर दीप जलाए जाएँगे." प्रेम कंवर के पति भागीरथ सिंह कहते हैं, "शुक्रवार सुबह से ही बधाई देने के लिए गाँव में आने वालों का तांता लगा हुआ है." भागीरथ सिंह बताते हैं कि प्रतिभा पाटिल के पति डॉ देवी सिंह शेखावत मूलत इसी गाँव के हैं, लेकिन वर्षों पूर्व उनका परिवार महाराष्ट्र के अमरावती जा बसा था. नाता कायम राजस्थान का राज्यपाल बनने के बाद प्रतिभा पाटिल गाँव के निकट बने मंदिर में आईं थीं और अपने नाते-रिश्तेदारों से भी मिलीं थीं. सरपंच के परिजनों ने बताया कि उस वक़्त गाँव आने के लिए सड़क तक नहीं थी, राज्यपाल के दौरे के बाद ही सड़क बन सकी. भागीरथ सिंह कहते हैं, "हमारे तो दोनो हाथों में लड्डू है. जो भी राष्ट्रपति भवन पहुँचेगा वो शेखावाटी अंचल का ही होगा." छोटी लोसल पंचायत समिति के पूर्व प्रमुख रामेश्वर महरिया ने कहा, "ये हमारे लिए खुशी का मौक़ा है, लेकिन ऐसे लोग भी हैं जो सोचते हैं कि काश ये मुक़ाबला अपने ही क्षेत्र के दो लोगों के बीच न होता." धार्मिक अनुष्ठान उधर, खाचरियावास में शेखावत को राष्ट्रपति पद पर देखने के लिए पहले से ही धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं. गाँव की गंगा देवी शर्मा गीता पाठ के साथ जतन से मंत्रों का उच्चारण कर रही हैं. गंगा देवी कहती हैं, "हम भैरों सिंह जी की कामयाबी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं." रतन शर्मा ने शेखावत के राष्ट्रपति चुने जाने को लेकर मन्नत माँगी है. कहते हैं मन्नत का खुलासा उनकी जीत के बाद ही करेंगे. खाचरियावास में शेखावत के लिए जीत की दुआ करने वालों में शामिल उनके बचपन के साथी हनुमान सिंह कहते हैं, "शेखावत के राष्ट्रपति बनने से इस धरती और भारत का गौरव बढ़ेगा." |
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