|
'भाजपा ने फूहड़पन की हदें पार की' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फूहड़पन की हदें पार कर दी. सोनिया गांधी ने भाजपा को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि वो इस बात पर ग़ौर करे कि चुनाव में उसके अपने सहयोगियों ने ही दगा क्यों दे दिया. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की पत्रिका 'कांग्रेस संदेश' में कार्यकर्ताओं के नाम लिखे पत्र में कहा है, "उन्होंने जिस तरह का प्रचार प्रतिभा पाटिल के ख़िलाफ़ चलाया वो लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रतिकूल था." उनका कहना है कि भाजपा ने प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया उससे 'भाजपा नेतृत्व की छटपटाहट' का पता चलता है. सोनिया गांधी के मुताबिक यह घबराहट इसलिए है कि खुद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल भाजपा का साथ छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा है कि भाजपा हमेशा कांग्रेस पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ व्यक्तिगत आधार पर हमले करती आई है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा की इस रणनीति को समझने और उसे हर स्तर पर विफल करने का आह्वान किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें उपराष्ट्रपति चुनाव में अंसारी उम्मीदवार20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस चुनाव में अन्नाद्रमुक ने हिस्सा लिया19 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनावों के लिए तैयारियां पूरी18 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'चुनाव में व्हिप जारी करना ग़ैरक़ानूनी'17 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भैरोसिंह शेखावत ने संपत्ति का ब्यौरा दिया14 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||