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राष्ट्रपति चुनावों के लिए तैयारियां पूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति पद के लिए गुरुवार को होने वाले मतदान में प्रतिभा पाटिल की जीत पक्की मानी जा रही है लेकिन इन चुनावों को आने वाले समय में सबसे कटु राष्ट्रपति चुनावों के रुप में ज़रुर याद किया जाएगा. वामपंथी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ( यूपीए) समर्थित उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के समर्थन में चुनावी आकड़ा भले ही हो पर जिस तरह से प्रतिभा पाटिल के ख़िलाफ़ अखबारों में आरोपों की बौछार हुई हो उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सत्तारुढ़ गठबंधन का कहना है कि उनकी उम्मीदवार तीन लाख वोटों से जीत दर्ज़ करेंगी जबकि बीजेपी का कहना है कि अगर सांसदों ने अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर मतदान किया तो शेखावत आश्चर्यजनक परिणाम दे सकते हैं. बहुजन समाज पार्टी और कुछ अन्य दलों ने भी प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया है जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार भैरों सिंह शेखावत के समर्थन में पूरा विपक्ष एकजुट नहीं हो सका है. समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों ने मतदान में अनुपस्थित रहने की भी घोषणा कर दी है. इस बीच गुजरात से बीजेपी के कुछ सांसदों ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनावों में वो अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट डालेंगे. बीजेपी के लिए इन चुनावों में उस समय भी झटका लगा था जब उनकी प्रमुख सहयोगी दल शिव सेना ने मराठी होने के कारण प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने की बात कही थी. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रतिभा-शेखावत के बीच सीधा मुक़ाबला03 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'सर्वोच्च पद की गरिमा कम न करें'04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगा तीसरा मोर्चा14 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भैरोसिंह शेखावत ने संपत्ति का ब्यौरा दिया14 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'तीसरे मोर्चे का फ़ैसला असंवैधानिक'16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'चुनाव में व्हिप जारी करना ग़ैरक़ानूनी'17 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस नेशनल कॉंफ़्रेंस पाटिल का समर्थन करेगी17 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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