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राष्ट्रपति चुनाव से दूर रहेगा तीसरा मोर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में 19 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में तीसरे मोर्चा ने मतदान नहीं करने और उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारने का फ़ैसला किया है. राष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर शनिवार को राजनीतिक दलों के गठबंधन तीसरे मोर्चे की दिल्ली में एक बैठक में दोनों निर्णय किए गए. बैठक के बाद तीसरे मोर्चे की नेता और अन्नाद्रमुक की प्रमुख जयललिता ने मीडिया को बताया, ''हमने कांग्रेस और भाजपा दोनों से बराबरी दूरी रखने का फ़ैसला किया है.'' राष्ट्रपति पद के चुनाव में तीसरे मोर्चे के घटक दलों के पास एक लाख के क़रीब वोट हैं. ऐसे में तीसरे मोर्चे के फ़ैसले के बाद एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार भैरों सिंह शेखावत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. पहले से ही राष्ट्रपति पद की दौड़ में सत्तारूढ़ यूपीए की ओर से प्रत्याशी घोषित की गईं प्रतिभा पाटिल का पलड़ा भारी माना जा रहा है. प्रतिभा पाटिल को यूपीए के अलावा वामपंथी दलों और बहुजन समाज पार्टी का भी समर्थन प्राप्त है. इससे पहले तीसरे मोर्चे की ओर से वर्तमान राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को समर्थन देने की बात कही गई थी पर राष्ट्रपति ने यह कहते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया कि आम सहमति बनने की स्थिति में ही वे चुनाव लड़ सकते थे. | इससे जुड़ी ख़बरें उपराष्ट्रपति का चुनाव 10 अगस्त को05 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति पद के लिए 74 नामांकन30 जून, 2007 | भारत और पड़ोस प्रतिभा पाटिल नए विवाद में घिरीं27 जून, 2007 | भारत और पड़ोस भैरोसिंह शेखावत ने नामांकन दाखिल किया24 जून, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनाव: प्रतिभा पाटिल ने पर्चा भरा23 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कलाम का चुनाव लड़ने से इनकार22 जून, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनाव: दिल्ली में सरगर्मी जारी22 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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