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कलाम का चुनाव लड़ने से इनकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में तीसरे मोर्चे के एक घटक दल तेलगु देशम पार्टी के एक नेता राममोहन राव ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने दोबारा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. राममोहन राव तीसरे मोर्चे के उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे जिसने शुक्रवार को राष्ट्रपति कलाम से मुलाक़ात की. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से यह मामला काफ़ी गर्माया हुआ था. राममोहन राव ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रपति कलाम ने कह दिया है कि वह इस पद के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति कलाम ने कहा था कि वह दोबारा इस पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं बशर्ति कि चुनाव में उनकी सफलता सुनिश्चित की जाए. सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के सभी घटक दलों, वामपंथी पार्टियों और भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी शिव सेना ने राष्ट्रपति कलाम को दोबारा चुनाव लड़ने के लिए समर्थन देने से इनकार कर दिया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राष्ट्रपति के प्रवक्ता एसएम ख़ान ने कहा है, "राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह दूसरी बार चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि वह राष्ट्रपति कार्यालय को किसी विवाद में नहीं घसीटना चाहते हैं." तीसरा मोर्चा कोशिश कर रहा था कि राष्ट्रपति कलाम को फिर से इस पद के लिए चुनाव लड़ाया जाए और कुछ नेताओं की यह भी कोशिशें थीं कि राष्ट्रपति कलाम के नाम पर सभी दलों में एक आम सहमति बन जाए. हालाँकि कांग्रेस प्रतिभा पाटिल को मैदान में उतार चुकी है. बहुजन समाज पार्टी की नेता और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने भी प्रतिभा पाटिल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत को समर्थन देने की घोषणा कर रखी है हालाँकि कुछ दिन पहले भैरोसिंह शेखावत ने संकेत दिया था कि अगर मौजूदा राष्ट्रपति कलाम के नाम पर सहमति बन जाती है तो वह राष्ट्रपति पद की दौड़ से पीछे हट सकते हैं. गतिविधि प्रतिभा पाटिल गुरूवार को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मिली थीं और उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल पद से त्यागपत्र दे दिया है. मौजूदा राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम पहले भी आया था लेकिन उन्होंने सर्वसम्मति की स्थिति में ही अपनी दावेदारी के लिए इच्छा जताई थी. दूसरी बार उनका नाम उस समय आया जब तीसरे मोर्चे के नेताओं ने चेन्नई में बैठक करके उनके नाम को आगे बढ़ाया. इसके बाद तीसरे मोर्चे के नेताओं ने उनसे मुलाक़ात की. मुलाक़ात से ये बात निकल कर आई कि राष्ट्रपति कलाम उसी स्थिति में दूसरे कार्यकाल के लिए तैयार हो सकते हैं, जब 'ये सुनिश्चित' हो. इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता करुणानिधि ने कहा कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए प्रतिभा पाटिल का नाम मजबूरी में नहीं आया है. उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के साथ न्याय हो और कोई भेदभाव ना हो- इसके प्रति यूपीए की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. | इससे जुड़ी ख़बरें कलाम को समर्थन नहीं: वामपंथी21 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कलाम चुनाव लड़ सकते हैं अगर..20 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'प्रतिभा की इतिहास की जानकारी त्रुटिपूर्ण'20 जून, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति कलाम को मनाने की कोशिश20 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'उम्मीदवारी का मतलब है सबसे सशक्त हैं'19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'शेखावत का कोई मुक़ाबला नहीं'19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस प्रतिभा पाटिल के नामांकन की प्रक्रिया19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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