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प्रतिभा पाटिल के नामांकन की प्रक्रिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूपीए और वामदलों की ओर से राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी प्रतिभा पाटिल के नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को शुरु हुई. इसकी शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष और यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने प्रतिभा पाटिल के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए. यह घोषणा पहले ही की जा चुकी है कि प्रतिभा पाटिल 23 जून को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी. इस बीच एनडीए समर्थित 'स्वतंत्र' उम्मीदवार भैरोंसिह शेखावत को शिवसेना के समर्थन का फ़ैसला अभी भी नहीं आया है. इस बीच एनडीए के एक घटक तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी का बयान आया है कि वर्तमान राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ही अगले राष्ट्रपति के लिए उनकी पहली पसंद हैं. नामांकन प्रक्रिया राष्ट्रपति पद की चुनाव प्रक्रिया के अनुसार प्रत्याशी को नामांकन के साथ 50 सांसदों के हस्ताक्षर प्रस्तावक के रुप में और 50 सांसदों के हस्ताक्षर समर्थक के रुप में चाहिए होते हैं. प्रतिभा पाटिल की पहली प्रस्तावक के रुप में सोनिया गाँधी ने हस्ताक्षर कर दिए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सोनिया गाँधी ने जब नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए तो केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी और पृथ्वीराज चौहान उपस्थित थे. संभावना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी प्रमुख प्रस्तावकों में से एक होंगे और वामदलों के कुछ प्रमुख नेता भी प्रस्तावकों में शामिल होंगे. चुनाव के लिए नामांकन 30 जून तक दिए जा सकते हैं. नामांकनों की जाँच दो जुलाई तक होगी और चार जुलाई तक नाम वापस लिए जाएँगे. यदि ज़रुरी हुआ तो 19 जुलाई को मतदान होगा और 21 जुलाई को मतगणना होगी. शिवसेना उधर राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन को लेकर शिवसेना का फ़ैसला मंगलवार की शाम तक आने की संभावना है. शिवसेना एनडीए का प्रमुख घटक दल है लेकिन वह राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए समर्थित भैरोसिंह शेखावत के साथ जाने में हिचक रहा है. शिवसेना नेता कह चुके हैं कि वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे मराठी प्रत्याशी का साथ दें या एनडीए का साथ दें. उल्लेखनीय है कि शिव सेना महाराष्ट्र के लोगों को प्रमुखता देने की राजनीति करती रही है और ऐसे में प्रतिभा पाटिल को साथ देना उसकी पहली प्राथमिकता बन रही है. लेकिन एनडीए का साथ छोड़ना भी शिवसेना को आसान नहीं लग रहा है. कलाम की उम्मीदवारी
तीसरे मोर्चे ने अब्दुल कलाम को अपना उम्मीदवार बताकर राष्ट्रपति चुनाव में एक नया मोड़ ला दिया है. हालांकि राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा कलाम के नाम के साथ ही शुरु हुई थी लेकिन कलाम ने साफ़ संकेत दे दिए थे कि वे सर्वसम्मति बनने की स्थिति में ही दोबारा राष्ट्रपति का पद स्वीकार करेंगे. लेकिन वामपंथी दलों ने राष्ट्रपति पद के लिए अपनी पसंद साफ़ करते हुए कह दिया था कि उन्हें कोई ग़ैर राजनीतिक उम्मीदवार मंज़ूर नहीं. हालांकि तीसरा मोर्चे ने भी अभी कलाम से चर्चा नहीं की है और यह चर्चा बुधवार को ही होने की संभावना है. इस बीच भैरौंसिंह शेखावत ने भी एक बयान जारी कर दिया है कि वे कलाम के पक्ष में सर्वसम्मति बनाने के पक्ष में हैं. तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी ने भी कहा है कि उनकी पार्टी की पसंद भी कलाम होंगे. संभावना है कि बुधवार को तीसरे मोर्चे के नेताओं की कलाम से मुलाक़ात के बाद ही कुछ पत्ते खुलेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें कलाम के लिए पीछे हट सकते हैं शेखावत18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस निर्दलीय प्रत्याशी होंगे भैरोसिंह शेखावत18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस प्रतिभा पाटिल 23 को पर्चा भरेंगी17 जून, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति के मुद्दे पर शिवसेना असमंजस में16 जून, 2007 | भारत और पड़ोस प्रतिभा पाटिल को समर्थन नहीं:वाजपेयी14 जून, 2007 | भारत और पड़ोस प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार14 जून, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनाव में मायावती यूपीए के साथ12 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कौन बनेगा भारत का अगला राष्ट्रपति?09 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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