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कलाम के लिए पीछे हट सकते हैं शेखावत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी को लेकर मामला रोचक होता जा रहा है. उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने संकेत दिया है कि अगर मौजूदा राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर सहमति बन जाती है तो वे अपनी दावेदारी छोड़ सकते हैं. भैरोसिंह शेखावत का बयान ऐसे समय आया है जब तीसरे मोर्चे ने कहा है कि उनकी पसंद एपीजे अब्दुल कलाम है. हालाँकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भैरोसिंह शेखावत के समर्थन की घोषणा की है. सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और वामपंथी दलों ने राजस्थान की राज्यपाल प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया. नए राष्ट्रपति का चुनाव 19 जुलाई को होना है. तीसरे मोर्चे की घोषणा के कुछ घंटों बाद एक बयान जारी करके शेखावत ने कहा, "मुझे इससे बढ़कर संतोष नहीं मिल सकता कि राष्ट्रपति कलाम तैयार हो जाएँ. इसके लिए सभी पार्टियों की सहमति ज़रूरी है. अगर ऐसा हुआ तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी." शेखावत ने तीसरे मोर्चे के फ़ैसले का स्वागत किया और कहा कि उन्होंने पिछले पाँच सालों में राष्ट्रपति कलाम के साथ मिलकर एक टीम की तरह काम किया है. शेखावत ने कहा कि कभी भी काम को लेकर उनके और राष्ट्रपति कलाम के बीच कोई मतभेद नहीं हुआ. गहमागहमी सोमवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर काफ़ी गहमागहमी रही. चेन्नई में तीसरे मोर्चे की बैठक हुई तो दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की.
पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भैरोसिंह शेखावत के नाम का समर्थन किया. तो बाद में तीसरे मोर्चे ने राष्ट्रपति कलाम का नाम आगे किया. हालाँकि राष्ट्रपति कलाम ने अभी इसके लिए मंज़ूरी नहीं दी है. तीसरे मोर्चे के नेता उन्हें मनाने के लिए जल्द ही उनसे मुलाक़ात करने वाले हैं. तीसरे मोर्चे में जयललिता की पार्टी अन्नाद्रमुक के अलावा तेलुगूदेशम, समाजवादी पार्टी, असम गण परिषद, भारतीय राष्ट्रीय लोकदल, केरल कांग्रेस, एमडीएमके और झारखंड विकास मोर्चा भी है. चेन्नई में हुई बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए अन्नाद्रमुक अध्यक्ष जयललिता ने कहा कि तीसरा मोर्चा राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को दोबारा राष्ट्रपति बनाए जाने का पक्षधर है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को राष्ट्रपति पद के लिए राजनीति करने से बचना चाहिए और राष्ट्रपति का नाम आम सहमति के आधार पर तय किया जाना चाहिए. तीसरा मोर्चा ने राष्ट्रपति कलाम को सबसे उपयुक्त व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनका समाज के सभी वर्गों में सम्मान होता है. उधर इस घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति कलाम को मनाने की कोशिश की थी पर राष्ट्रपति की ओर से आम सहमति की स्थिति में ही चुनाव लड़ने की बात कही गई थी. |
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