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ख़त्म हो सकता है युद्धविराम:मुइवा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नगालैंड के विद्रोही नेता टी मुइवा ने कहा है कि अगर भारत सरकार कुछ 'सकारात्मक' क़दम नहीं उठाती है तो युद्धविराम बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है. शुक्रवार को भारत सरकार और अलगाववादी संगठन एनएससीएन-आईएम दिल्ली में बातचीत होने जा रही है. भारत सरकार और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालैंड (एनएससीएन-आईएम) के बीच युद्धविराम इस साल 31 जुलाई को ख़त्म हो रहा है. अलगाववादी संगठन एनएससीएन (आईएम) के नेता मुइवा का कहना था कि भारत सरकार में तो इतनी भी क्षमता नहीं है कि वो नगा लोगों की सामान्य मांगों को पूरा कर सके. उन्होंने कहा, " भारत सरकार को नगा लोगों की मांगें साफ़ तौर पर बता दी गईं थीं लेकिन हमें पता चल गया है कि भारत सरकार में ज़रूरी क़दम उठाने की क्षमता भी नहीं है." मुइवा का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में युद्धविराम जारी रखने की कोई वजह नहीं दिखाई देती. मुइवा ने माना कि कई वर्षों की बातचीत के बाद वो बहुत निराश हैं. उन्होंने बीबीसी संवाददाता से कहा, " दो साल पहले जब मैं आपसे मिला था तो बहुत आशावादी था लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है." फिर भी एनएससीएन (आईएम) भारत सरकार से लगातार बातचीत क्यों कर रहा है, इस सवाल के जवाब में मुइवा ने कहा, " हमारे बीच इस बात को लेकर एक समझ रही है कि बातचीत को पर्याप्त समय दिया जाए और साथ ही कोशिशें जारी रखी जाएं. लेकिन कुछ भी सामने न आने की वजह से हमारा विश्वास कम हुआ है." भारतीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने मुइवा के इस बयान पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. युद्धविराम
पिछले दस सालों में भारत सरकार और एनएससीएन (आईएम) गुट के बीच 57 दौर की बातचीत हो चुकी है. भारत सरकार और एनएससीएन (आईएम) के बीच 1997 में युद्धविराम हुआ था और तब से शांति प्रक्रिया जारी है. नगालैंड के कुछ संगठनों ने 50 साल पहले नगालैंड को स्वतंत्र घोषित कर दिया था. लेकिन भारत सरकार ने इस क़दम को अपनी मान्यता नहीं दी थी और तब से इलाक़े में संघर्ष होता रहा है. भारतीय सुरक्षा बलों और अलगाववादी गुटों के बीच युद्धविराम से पहले हुए संघर्षों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें एनएससीएन ने संघर्षविराम बढ़ाया31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नगालैंड पर बातचीत में गतिरोध30 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कड़वाहट के बीच नगा वार्ता ख़त्म21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस एनएससीएन के साथ संघर्ष विराम बढ़ा31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस नगा विद्रोहियों से बातचीत की तैयारी04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस विरोधी नगा गुटों में संघर्ष, 10 मारे गए17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस नगालैंड में हिंसा के बाद निषेधाज्ञा लागू23 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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