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विरोधी नगा गुटों में संघर्ष, 10 मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नगालैंड में नगा विद्रोहियों के दो परस्पर विरोधी गुटों के बीच हुई झड़प में कम से कम दस अलगाववादी मारे गए हैं. पुलिस का कहना है कि नगा विद्रोहियों के बीच संघर्ष अभी भी चल रह है और इसमें कई नगा विद्रोही घायल भी हुए हैं. पूर्वोत्तर में सक्रिय अलगाववादी संगठन नगालैंड सोशलिस्ट काउंसिल दो धरों में बँटा हुआ है. एक गुट आईजैक-मुईवा का है और दूसरा खपलांग गुट है. दोनों गुटों ने वर्ष 1997 में भारत सरकार के साथ संघर्ष विराम समझौता किया था जो अब भी लागू है लेकिन रह-रह कर दोनों गुटों के बीच आपसी संघर्ष होता रहता है. पिछले छह महीनों में दोनों गुटों के बीच हुई झड़पों में 20 से ज़्यादा अलगाववादी मारे जा चुके हैं. इस आपसी लड़ाई से नगा समुदाय में भी गुस्सा है और कई बार नगाओं ने दोनों ही गुटों के सदस्यों को खदेड़ने का काम किया है. आपसी झड़प के समय भारतीय सुरक्षा बल आम तौर पर मूकदर्शक की भूमिका में होते हैं. हस्तक्षेप तभी होता है जब हालात बेकाबू हो जाएँ. | इससे जुड़ी ख़बरें नगालैंड में पाँच विद्रोहियों की मौत23 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एनएससीएन के साथ संघर्ष विराम बढ़ा31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस एनएससीएन ने संघर्षविराम बढ़ाया31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नगा एकीकरण की माँग दोहराई16 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मणिपुर में आपूर्ति सेना की मदद से07 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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