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नगालैंड में हिंसा के बाद निषेधाज्ञा लागू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड के दीमापुर क्षेत्र में सोमवार को निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. दीमापुर में रविवार रात लोगों के एक समूह ने अलगाववादी नेताओं के कई घरों में आग लगा दी थी. इस बारे में जानकारी देते हुए दीमापुर के उपायुक्त केएन नगुली ने बताया कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. हालांकि हालात को नियंत्रित कर लिया गया है. प्रशासन की ओर से जारी आदेशों में चार या उससे ज़्यादा तादाद में लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है. जानकारी के मुताबिक क़रीब 2000 की तादाद में इकट्ठा हुए सेमा जनजाति के गुस्साए लोगों ने रविवार को दीमापुर पुराना बाज़ार इलाके में स्थित कुछ शीर्ष नगा अलगाववादी नेताओं के घरों में आग लगा दी थी. जिस घरों को निशाना बनाया गया है, बताया जा रहा है कि वे एनएससीएन के वरिष्ठ नेताओं के हैं. ग़ौरतलब है कि अधिकतर नगा अलगाववादी नेता समीपवर्ती राज्य मणिपुर के तांगखुल जनजाति के हैं. विवाद आगजनी की इस घटना से पहले शनिवार को यह ख़बर आई थी कि सेमा जनजाति के कुछ लड़कों की पिटाई कर दी गई है. चश्मदीदों के मुताबिक हमला करने वाले लोग बार-बार चरमपंथियों पर अपनी जनजाति के लड़कों की पिटाई करने का आरोप लगा रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों ने क़रीब 13 घरों में आग लगा दी और 15 घरों को नष्ट कर दिया गया. स्थानीय पत्रकारों ने इस घटना के पीछे स्थानीय प्रशासन के रवैये पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि घटना के बाद देर रात तक पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कोई कार्रवाई नहीं की. | इससे जुड़ी ख़बरें विरोधी नगा गुटों में संघर्ष, 10 मारे गए17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस एनएससीएन के साथ संघर्ष विराम बढ़ा31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान बंद27 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नगा वार्ता पर आशंका के बादल17 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस नगा नेता मिले मनमोहन सिंह से07 दिसंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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