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नगा विद्रोहियों से बातचीत की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रम मंत्री ऑस्कर फ़र्नांडिस की अगुआई में भारत सरकार के वार्ताकार नगा विद्रोहियों से बातचीत करने नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम पहुँच गए हैं. सरकार की कोशिश बातचीत के ज़रिए पूर्वोत्तर में अलगाववाद को ख़त्म करना है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भारत सरकार और एनएससीएन के बीच चल रही शांति वार्ता में मुश्किलें आ गईं थी. नगा विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सरकार शांति वार्ता के ज़रिए समस्या का समाधान करने में देरी कर रही है. नगा विद्रोही चाहते हैं कि पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों के नगा बहुल क्षेत्रों को मिलाकर वृहत नगालैंड बनाया जाए. लेकिन असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश इस माँग का विरोध कर रहे हैं. शांति वार्ता दशकों पुरानी अलगाववाद की समस्या के निपटारे के लिए दोनो पक्ष पिछले नौ वर्षों में 50 से अधिक बार मिले चुके हैं लेकिन इसका समाधान नहीं निकल सका है. एनएससीएन और भारत सरकार के बीच घोषित संघर्ष विराम की अवधि जुलाई में आगे बढ़ा दी गई थी. उस समय सहमति बनी थी कि जब तक शांति वार्ता जारी रहेगी तब तक संघर्षविराम भी लागू रहेगा. पहले हर छह माह पर इसकी समीक्षा की जाती थी. | इससे जुड़ी ख़बरें नगालैंड पर बातचीत में गतिरोध30 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कड़वाहट के बीच नगा वार्ता ख़त्म21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस संघर्षविराम की अवधि छह महीने बढ़ी 31 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस नगालैंड में हिंसा में सात लोगों की मौत24 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस एनएससीएन के साथ संघर्ष विराम बढ़ा31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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